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बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी क्यों करते हैं तुलसी की पूजा? टीएमसी विधायक को बताया सांप्रदायिक

Iqbal Ansari Tulsi Puja: बाबरी मस्जिद ढांचा विध्वंस की बरसी पर पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने तुलसी के पौधे को जल अर्पित कर सभी धर्मों के सम्मान का संदेश दिया. उन्होंने दावा किया कि वो हर दिन तुलसी को जल देते हैं, क्योंकि इसमें औषधिय गुण होता है.

Iqbal Ansari Tulsi Puja

इकबाल अंसारी का तुलसी प्रेम

Iqbal Ansari Tulsi Puja: बाबरी मस्जिद ढांचा विध्वंस की बरसी पर पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने तुलसी के पौधे को जल अर्पित कर सभी धर्मों के सम्मान का संदेश दिया. उन्होंने दावा किया कि वो हर दिन तुलसी को जल देते हैं. क्योंकि इसमें औषधिय गुण होता है. जिससे पूरा घर स्वस्थ रहता है.

इकबाल अंसारी ने इस दौरान राम मंदिर को लेकर कहा कि 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया. पूरे देश के मुसलमानों ने इस फैसले को माना और जब मंदिर बना तो कहीं एक पत्ता भी नहीं हिला. आज भी हिंदू और मुसलमानों के बीच ताल्लुकात अच्छे हैं. अयोध्या में राम मंदिर हमेशा से मुद्दा था और रहेगा.

अयोध्या भाईचारे वाला है शहर

बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार ने अयोध्या को हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल वाला शहर बताया. उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इलाके में कभी कोई तनाव की खबरें नहीं आई. यहां सबकुछ भाईचारे पर ही चल रहा है. अयोध्या में गंगा-जमुनी तहजीब है. यहां विकास है. हर घर में आज गेस्टहाउस खुल चुका है. आज सबके पास रोजगार है. यह अयोध्या की ताकत है.

अयोध्या में काला दिवस की जरूरत नहीं

बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी को काला दिवस के रूप में मनाने की बात पर इकबाल अंसारी ने कहा कि यहां पर पहले विकास नहीं था, पार्क नहीं था, स्टेशन अच्छा नहीं था, रोडवेज की सुविधा नहीं थी. आज सबकुछ है. लोगों के पास आज पार्क है, अच्छा स्टेशन है और रोडवेज की सुविधा है. जहां पहले लोगों के पास रोजगार नहीं था आज उनके पास रोजगार ही रोजगार है. यहां पर काला दिवस की कोई जरूरत नहीं है.

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टीएमसी के विधायक पर साधा निशाना

टीएमसी के निष्कासित विधायक हुमायूं कबीर को लताड़ लगाते हुए इकबाल अंसारी ने कहा कि जब चुनाव आता है तो बहुत से लोगों को मंदिर-मस्जिद, जात-धर्म याद आ जाता है. उनका काम हिंदू-मुसलमानों को बांटने वाला है. ऐसा नहीं होना चाहिये.

उन्होंने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए मुसलमानों को मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ जमीन दे दी है, तो फिर बंगाल में बाबरी मस्जिद की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि टीएमसी के पूर्व विधायक का काम बंगाल में हिंदू-मुस्लिमों के बीच भेदभाव को बढ़ाने वाला है. ऐसा नहीं होना चाहिये.

-भारत एक्सप्रेस



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