फर्जी नेम प्लेट मामले में गिरफ्तार स्वामी चैतन्यानंद को एक दिन की रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. जुडिशियल मजिस्ट्रेट अनिमेष कुमार ने यह आदेश दिया है. छात्राओं के साथ अश्लील हरकत करने के मामले में कोर्ट ने 29 नवंबर को तीन सह-आरोपियों को जमानत दे दिया था.
इस मामले में चार आरोपियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस के चार्जशीट पर संज्ञान लिया था. दिल्ली पुलिस ने 1077 पेजों की चार्जशीट दाखिल किया है, जिसमें 43 गवाह बनाए गए हैं. दिल्ली पुलिस ने चैतन्यानंद सरस्वती पर पहले से दर्ज मामले के अलावा फर्जी राजनयिक नंबर का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए पुलिस हिरासत की मांग की, जिसके बाद कोर्ट ने चैतन्यानंद सरस्वती को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया था. पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि उत्तराखंड के अल्मोडा में एक गेस्ट हाउस में चैतन्यानंद छात्राओं के साथ रुका था.
पुलिस ने कोर्ट में पेश किया सबूत
पुलिस को चैतन्यानंद के फोन से डिजिटल सबूत भी मिले है. इनमें वह एक व्हाट्सएप ग्रुप में छात्राओं की फोटों पर आपत्तिजनक कमेंट कर रहा हैं. जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने बाबा के कमरे से पुलिस ने एक सेक्स टॉय और 5 पोर्न सीडी भी बरामद की है. दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में खुलासा किया कि चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 232 को जोड़ा गया है, जो किसी गवाह को झूठी गवाही देने के लिए धमकाने से संबंधित हैं.
इसके अलावे स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75 (2), धारा 79, धारा 351 (2) के तहत एफआईआर दर्ज है.
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-भारत एक्सप्रेस
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