सुप्रीम कोर्ट से जेडीएस नेता और पूर्व सांसद प्रज्ववल रेवन्ना को झटका लगा है. कोर्ट ने बेंगलुरू के स्पेशल एमपी/एमएलए कोर्ट से दो रेप का ट्रायल दूसरी कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है.
सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह आदेश दिया है. रेवन्ना ने ट्रायल जज पर पक्षपात का आरोप लगाया था. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि हाई कोर्ट द्वारा की गई टिप्पणी को हटाने के लिए हाई कोर्ट जाया जा सकता है.
“लंबित मामलों में पुराने फैसले से प्रभावित नहीं होंगे”
कोर्ट ने कहा कि रेवन्ना को एक मामले में दोषी ठहराने वाले जज लंबित मामलों पर विचार करते समय उस निर्णय से प्रभावित नही होंगे. कोर्ट ने कहा कि इस बात में कोई संदेह नही है कि निचली अदालतों के जज इस तथ्य से प्रभावित होंगे कि उन्होंने याचिकाकर्ता को दूसरे मामले में दोषी पाया है और स्पष्ट रूप से लंबित मामलों में निर्णय केवल उन्हीं मामलों के साक्ष्यों के आधार पर लिया जाएगा, जिन पर अभी सुनवाई चल रही है.
एचडी देवगौड़ा के पोते प्रज्ज्वल पर यौन शोषण के गंभीर आरोप
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते प्रज्ज्वल पर कई महिलाओं से यौन शोषण का आरोप है. प्रज्वल रेवन्ना पर यौन उत्पीड़न के तीन मामले दर्ज है. इसके अलावे कई महिलाओं से दुष्कर्म का भी आरोप है.प्रज्वल रेवन्ना पर लगे आरोपों की वजह से जेडीएस ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था.
अगस्त में एसआईटी ने प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ 2144 पेज का चार्जशीट दाखिल किया था. दाखिल चार्जशीट में घर में काम करने वाली महिला के यौन शोषण की बात कही गई है. इसके अलावे दो और यौन उत्पीड़न के मामले दर्ज होने की बात कही गई है. लोकसभा चुनाव से ठीक पहले वीडियो जारी हो गए थे. जिसके बाद से वह काफी दिनों तक गायब रहा
-भारत एक्सप्रेस
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