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बांग्लादेश में चुनाव की घोषणा, 8% हिंदू वोटर किस पार्टी का देंगे साथ?

Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को पहली बार शेख हसीना सरकार के बाद चुनाव होंगे. 12.8 करोड़ वोटर मतदान करेंगे, जिनमें 8% हिंदू वोटर अहम भूमिका निभाएंगे. BNP, नाहिद इस्लाम और हसीना गुट के निर्दलीय उम्मीदवार हिंदू वोटरों को लुभाने की कोशिश में हैं.

Bangladesh Election: शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद बांग्लादेश में पहली बार चुनाव होने जा रहे हैं. चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि 330 सीटों वाली संसद के लिए 12 फरवरी 2026 को वोटिंग होगी. सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी या गठबंधन को कम से कम 151 सीटें चाहिए.

12.8 करोड़ वोटर करेंगे मतदान

इस बार करीब 12.8 करोड़ लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. इनमें 6.48 करोड़ पुरुष और 6.28 करोड़ महिला वोटर शामिल हैं. 2022 की जनगणना के मुताबिक, हिंदू बांग्लादेश का सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय हैं. उनकी आबादी करीब 1.31 करोड़ है और वोटर संख्या लगभग 8 प्रतिशत है. ऐसे में हिंदू वोट किसे मिलेंगे, यह चुनावी समीकरण तय कर सकता है.

BNP की रणनीति

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) हिंदू वोटरों को अपनी तरफ खींचने के लिए जमात-ए-इस्लामी पर खुलकर हमले कर रही है. BNP नेता तारिक रहमान ने हाल ही में जमात पर आरोप लगाया कि उसके कई नेता पाकिस्तान समर्थक हैं और देश के हितों के खिलाफ काम करते हैं. चूंकि जमात पर अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और कट्टरता फैलाने के आरोप लगते रहे हैं, BNP इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रही है. यह रणनीति हिंदू बहुल सीटों पर असर डाल सकती है.

नाहिद इस्लाम को समर्थन कम

नाहिद इस्लाम, जो हसीना सरकार के खिलाफ आंदोलन का बड़ा चेहरा रहे उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए अंतरिम सरकार से इस्तीफा दे चुके हैं. उन्हें समर्थन मिलने की उम्मीद कम है. वजह यह है कि उनका नैरेटिव सिर्फ हसीना विरोध तक सीमित रहा और उनके पास BNP या जमात जैसी मजबूत संगठनात्मक ताकत नहीं है. कई वोटर उन्हें कट्टर विपक्ष का हिस्सा मानते हैं जिससे उनका जनाधार कमजोर पड़ रहा है.

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हसीना गुट के निर्दलीय उम्मीदवारों को फायदा

शेख हसीना के उम्मीदवारों को निर्दलीय लड़ने की इजाजत मिली है. हिंदू बहुल इलाकों में उन्हें फायदा मिल सकता है क्योंकि इन क्षेत्रों में हसीना सरकार के दौरान विकास परियोजनाएं बाकी इलाकों की तुलना में बेहतर मानी जाती हैं. करीब 20 सीटों पर हिंदुओं का दबदबा है, जिनमें खुलना, ठाकुरगांव, दिनाजपुर, रंगपुर, कुरीग्राम, नगांव, जेसोर, मगुरा, बोरगुना और पिरोजपुर जैसी सीटें शामिल हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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