विपक्ष के भीतर अलग-अलग सुर
Congress vs Allies: भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठन में बदलाव के लिए बिहार के मंत्री नितिन नबीन (Nitin Nabin) को दिल्ली में कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया है. उन्हें लेकर देशभर में पक्ष विपक्ष से कई प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. ठीक इसी वक्त में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और कांग्रेस (Congress) की आक्रामक राजनीति पर उनके अपने ही सहयोगी सवालिया निशान उठाने लगे हैं. कांग्रेस अब INDI गठबंधन के भीतर कांग्रेस लगातार अलग-थलग पड़ती नजर आ रही है. पहले जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) के बाद एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले (Supriya Sule) ने राहुल गांधी के नैरेटिव से किनारा कर लिया है.
राहुल गांधी (Rahul Gandhi Narrative) लंबे समय से ‘वोट चोरी’, SIR और EVM जैसे मुद्दों को लेकर संसद से लेकर सड़क तक पहुंच रहे हैं. कई मौकों पर उनका पूरा गठबंधन उनके साथ नजर आया. हालांकि, अब वो अकेले नजर आ रहे हैं. उनके मुद्दे से उमर अब्दुल्ला और सुप्रिया सुले ने तो खुले तौर पर किनारा कर लिया है.
कांग्रेस का मुद्दा, गठबंधन का नहीं: उमर अब्दुल्ला (Omar Abdulla On Rahul Gandhi Congress)
दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ रैली को लेकर जब उमर अब्दुल्ला से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने दो टूक जवाब दिया. उमर अब्दुल्ला का कहना था कि हर पार्टी को अपना एजेंडा तय करने का अधिकार है. अगर कांग्रेस ने ‘वोट चोरी’ और SIR को मुख्य मुद्दा बनाया है, तो यह उसका फैसला है, गठबंधन का नहीं. उन्होंने कहा-
‘वोट चोरी’ कांग्रेस का अपना मुद्दा है, इसका INDIA गठबंधन से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह ईवीएम में गड़बड़ी के आरोपों से सहमत नहीं हैं.
सुप्रिया सुले का संदेश- ‘ईवीएम पर सवाल नहीं’ (Supriya Sule On Rahul Gandhi Congress)
कांग्रेस को दूसरा बड़ा झटका एनसीपी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले के बयान से लगा. लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान सुले ने साफ कहा कि वह ईवीएम या वीवीपैट पर सवाल नहीं उठाएंगी. उन्होंने कहा-
मैं इसी मशीन से चार बार सांसद चुनी गई हूं, इसलिए मैं ईवीएम के खिलाफ बात नहीं कर सकती. सुले ने यह भी जोड़ा कि वह मशीन के खिलाफ नहीं, बल्कि बेहद सीमित दायरे में कुछ सुधारों की बात कर रही हैं और बीजेपी से उन्हें बड़ी अपेक्षाएं हैं.
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विपक्ष के भीतर अलग-अलग सुर (Rahul Gandhi Congress Isolated)
एक तरफ कांग्रेस ईवीएम और ‘वोट चोरी’ को लोकतंत्र पर सबसे बड़ा खतरा बता रही है, वहीं उसके सहयोगी दल इन आरोपों से खुद को अलग कर रहे हैं. विपक्षी खेमे में पहले से ही बैलेट पेपर बनाम ईवीएम को लेकर मतभेद रहे हैं, लेकिन अब यह मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं. ऐसे में कांग्रेस के सामने चुनौती सिर्फ बीजेपी नहीं, बल्कि अपने गठबंधन को साथ लेकर चलने की भी है.
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