TFCI AIF Investment Plan: टूरिज्म फाइनेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (TFCI) अब सिर्फ टूरिज्म फाइनेंस तक सीमित नहीं रहना चाहती. कंपनी ने अपने निवेश मॉडल में बदलाव किया है. कंपनी अब हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट सेक्टर पर भी दांव लगाने जा रही है.
नियामकीय जानकारी में कंपनी ने बताया कि वह हॉलीस्टोन हॉस्पिटैलिटी फंड में सह-प्रायोजक और एंकर निवेशक के रूप में शामिल होगी. यह इक्विटी-केंद्रित कैटेगरी-II AIF है, जिसमें TFCI कुल फंड कॉर्पस के अधिकतम 5% तक निवेश करेगी. इस फंड के पंजीकरण के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास आवेदन पहले ही दाखिल किया जा चुका है.
रियल एस्टेट में भी लगाएगी पैसा
इसके अलावा, TFCI सर्टस रियल एस्टेट फंड में भी पैसा लगाएगी. इसमें कंपनी की हिस्सेदारी अधिकतम 10 फीसदी तक बताई जा रही है. फंड का मकसद रियल एस्टेट से जुड़े इक्विटी निवेश मौके तलाशना है.
कंपनी के प्रबंध निदेशक अनूप बाली का कहना है कि यह फैसला लंबे समय से चल रही रणनीति का हिस्सा है. उनके मुताबिक, AIF के जरिए निवेश करने से पूंजी का इस्तेमाल बेहतर तरीके से हो सकेगा और सेक्टर की समझ का फायदा मिलेगा.
ये भी पढ़ें- ई बिहार बा..! DGP के जिले वाले थानेदार ‘चोर’ हैं, डकार गए छापेमारी का इतना माल की हो गए सस्पेंड
कंपनी टूरिज्म तक नहीं रहना चाहती सीमित
बाजार विशेषज्ञ इस पहल को TFCI के उस व्यापक बदलाव के हिस्से के रूप में देख रहे हैं, जिसके तहत कंपनी एक सीमित पर्यटन-केंद्रित ऋणदाता से आगे बढ़कर विविधीकृत गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) बनने की दिशा में कदम उठा रही है. AIF ढांचा TFCI को इक्विटी और अर्ध-इक्विटी निवेश अवसरों तक पहुंच प्रदान करेगा, वह भी बैलेंस शीट जोखिम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी किए बिना.
फिलहाल TFCI NBFC-ML के तौर पर काम कर रही है. टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी के अलावा मैन्युफैक्चरिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, सामाजिक-शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट और NBFC-HFC फंडिंग में भी कंपनी सक्रिय है. डिजिटल रिटेल लेंडिंग पर भी फोकस बढ़ रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

