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एम्स में इलाज कराने आने वालों को बड़ी राहत, 2 एकड़ में बनेगा विशाल रैन बसेरा; हाई कोर्ट बार एसोसिएशन देगा योगदान

रैन बसेरों की बदहाल सुविधाओं पर स्वतः संज्ञान लेते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने एम्स मरीजों के परिजनों के लिए 3000 बेड वाले रैन बसेरे के निर्माण में आर्थिक सहयोग की अपील की है.

रैन बसेरों में सुविधाओं की कमी के मामले में लिए गए स्वतः संज्ञान पर सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने एम्स मरीजों के परिजनों के लिए दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन से 3000 बेड वाले रैन बसेरा में आर्थिक योगदान देने की अपील की है. मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने यह अपील की है.

इसपर वरिष्ठ वकील राजीव नैयर, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा और दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एन हरिहरन ने शेल्टर निर्माण में आर्थिक योगदान देने के लिए प्रतिबद्धता जताई है. कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि कोर्ट कोई औपचारिक निर्देश नहीं दे रही है, लेकिन उम्मीद है कि वकील इस मानवीय पहल में सहयोग करेंगे. कोर्ट 27 जनवरी को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.

दूर से आए एम्स मरीजों के परिजनों को मिलेगी राहत

अदालत ने कहा कि यह कदम एम्स में ईलाज के लिए दूर दराज से आए मरीजों के परिजनों को राहत पहुंचाने में महत्वपूर्ण होगा. वही एम्स ने कोर्ट के आदेश के बाद अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंप दिया है. दाखिल रिपोर्ट में कहा गया है कि शॉर्ट टर्म उपायों के साथ भी एक लॉन्ग टर्म उपाय के लिए अंसारी नगर में लगभग 2 एकड़ जमीन पर 3000 बेड वाला विश्राम सदन स्थापित करने का प्रस्ताव की जानकारी दी गई. यह नाइट शेल्टर एक एनजीओ संगठन सेवा सदन आरोग्य फाउंडेशन के माध्यम से विकसित किया जा रहा है. एम्स की ओर से पेश वकील सत्य रंजन स्वैन ने अदालत को बताया कि वर्तमान में तीन आश्रय स्थलों में कुल 949 बिस्तर उपलब्ध है.

वही सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि 24 घंटे निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है. वही साकेत कोर्ट के जिला न्यायाधीश ने अपनी रिपोर्ट हाई कोर्ट को सौप दी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि जरूरतमंदों को कंबल वितरित किया गया है और जहां उपलब्ध थी वहां टेंट लगाए गए हैं. जिसके बाद कोर्ट ने सराहना करते हुए कहा कि हमें लगता है कि पिछले दो दिनों में स्थिति में सुधार हुआ है और सभी एजेंसियां पूरी ईमानदारी से काम कर रही हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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