Adani-Embraer Deal: भारत की क्षेत्रीय विमानन क्षमता को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस और ब्राजील की वैश्विक एयरोस्पेस दिग्गज कंपनी एम्ब्राएर (Embraer) ने भारत में रीजनल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (RTA) इकोसिस्टम विकसित करने के लिए एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. यह साझेदारी ‘आत्मनिर्भर भारत’ और केंद्र सरकार की UDAN क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के अनुरूप मानी जा रही है.
क्षेत्रीय विमानन को बढ़ावा
इस सहयोग के तहत भारत में पहले विमान असेंबली लाइन स्थापित की जाएगी और इसके बाद चरणबद्ध तरीके से स्वदेशीकरण को बढ़ाया जाएगा. दोनों कंपनियां विमान निर्माण, सप्लाई चेन, आफ्टरमार्केट सर्विसेज और पायलट ट्रेनिंग जैसे अहम क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगी. इसका उद्देश्य न सिर्फ घरेलू मांग को पूरा करना है, बल्कि भारत को वैश्विक एयरोस्पेस हब के रूप में स्थापित करना भी है.
अडानी ग्रुप ने क्या कहा?
अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के डायरेक्टर जीत अडानी ने कहा कि क्षेत्रीय विमानन आर्थिक विस्तार की रीढ़ है. UDAN जैसी योजनाओं ने टियर-2 और टियर-3 शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने का काम किया है, ऐसे में एक मजबूत स्वदेशी क्षेत्रीय विमानन इकोसिस्टम समय की जरूरत बन चुका है. उन्होंने कहा कि यह साझेदारी भारत और ब्राजील के बीच रणनीतिक संबंधों को भी मजबूत करेगी.
वहीं, अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के प्रेसिडेंट और सीईओ आशीष राजवंशी ने इसे आत्मनिर्भर विमानन की दिशा में एक साहसिक कदम बताया. उनके अनुसार यह पहल न केवल शहरी और ग्रामीण भारत के बीच की दूरी को कम करेगी, बल्कि उच्च कौशल वाले रोजगार भी पैदा करेगी.
एम्ब्राएर के कमर्शियल एविएशन के प्रेसिडेंट और सीईओ आर्जन मीजेर ने कहा कि भारत एम्ब्राएर के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण बाजार है. अडानी समूह की औद्योगिक क्षमताओं और एम्ब्राएर की इंजीनियरिंग विशेषज्ञता के साथ मिलकर भारत की RTA महत्वाकांक्षाओं को साकार करने की संभावनाओं का मूल्यांकन किया जाएगा.
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आत्मनिर्भरता की नई दिशा
गौरतलब है कि एम्ब्राएर की भारत में पहले से मजबूत मौजूदगी है. भारत में करीब 50 एम्ब्राएर विमान विभिन्न क्षेत्रों में परिचालित हैं. वहीं अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस देश की सबसे बड़ी निजी रक्षा और एयरोस्पेस कंपनी है, जो MRO, पायलट ट्रेनिंग और स्वदेशी विमानन क्षमताओं के विकास में अहम भूमिका निभा रही है. विशेषज्ञों के मुताबिक, यह साझेदारी भारत के एयरोस्पेस सेक्टर में निवेश, रोजगार और तकनीकी आत्मनिर्भरता को नई दिशा दे सकती है.
-भारत एक्सप्रेस
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