दिल्ली हाई कोर्ट ने महिपालपुर मेट्रो स्टेशन का नाम बदलने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि वो सरकार या दिल्ली मेट्रो रेल कॉपरेशन को मेट्रो स्टेशन का नाम बदलने का आदेश नही दे सकता है. इसके साथ ही कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है.
जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कहा कि मेट्रो स्टेशन का नाम रखना सरकार के प्रशासनिक और पॉलिसी के दायरे में आता है, जिसमें कोर्ट तब तक दखल नही दे सकता, जब तक कि यह मनमाना न हो या संविधान का उल्लंघन न करता हो. कोर्ट ने यह आदेश रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका का निपटारा करते हुए दिया है, जिसमें महिपालपुर मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर रंगपुरी मेट्रो स्टेशन करने के निर्देश देने की मांग की गई थी. दरअसल रंगपुरी और महिपालपुर इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित दो गांव है.
याचिकाकर्ता की मांग पर हाई कोर्ट ने लिया निर्णय
महिपालपुर मेट्रो स्टेशन का निर्माणाधीन फेज 4 गोल्डन लाइन का हिस्सा है. याचिकाकर्ता की दलील थी कि स्टेशन बनाने के लिए इस्तेमाल की गई ज्यादातर जमीन रंगपुरी की थी और सरकारी नीति के अनुसार इसका नाम उसी गांव के नाम पर रखा जाना चाहिए. साथ ही यह भी कहा गया था कि जब उन्होंने इस याचिका के साथ अधिकारियों से संपर्क किया, तो वे बस एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे है.
जिसके बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता को संबंधित विभाग के पास जाने को कहा और कोर्ट ने डीएमआरसी और दूसरी ऑथोरिटी से 6 सप्ताह में याचिकाकर्ता के मांग पर विचार करने को कहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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