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तैयार हैं तारिक रहमान: लंदन में 17 साल, फिर जेल का डर… और अब सीधे प्रधानमंत्री! जानिए फिल्मी कहानी

Bangladesh Tarique Rahman Set to Take Oath: बांग्लादेश में सत्ता का वनवास खत्म हो गया है. 17 साल लंदन में रहने के बाद लौटे तारिक रहमान शनिवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं. क्या तारिक रहमान अपने पिता जियाउर रहमान की तरह देश को संभाल पाएंगे?

Bangladesh Tarique Rahman Set to Take Oath

Bangladesh Tarique Rahman Set to Take Oath: बांग्लादेश की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात हो चुका है. 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने प्रचंड जीत हासिल की है. पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 300 सदस्यीय संसद में दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. खबरों के मुताबिक, BNP अध्यक्ष तारिक रहमान शनिवार को ही प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं.

209 सीटों पर कब्जा (Tarique Rahman Victory)

अवामी लीग के बिना हुए इस चुनाव में BNP ने क्लीन स्वीप किया है. पार्टी ने 299 में से 209 सीटें जीतीं. तारिक रहमान ने खुद ढाका-17 और बोगरा-6 दोनों सीटों से जीत दर्ज की है. जमात-ए-इस्लामी के 11 दलों के गठबंधन ने कुल 70 सीटें जीतीं. जमात प्रमुख शफीकुर रहमान ढाका-15 से जीते. जिन छात्रों ने आंदोलन किया, उनकी पार्टी ‘नेशनल सिटीजन पार्टी’ (NCP) का प्रदर्शन निराशाजनक रहा. वे 30 में से सिर्फ 5 सीटों पर ही जीत सके. उनकी सड़क की लोकप्रियता वोटों में तब्दील नहीं हो पाई.

35 साल बाद पुरुष प्रधानमंत्री

तारिक रहमान के शपथ लेते ही बांग्लादेश में एक बड़ा इतिहास बनेगा. 35 साल बाद देश की बागडोर किसी पुरुष प्रधानमंत्री के हाथ में होगी. 1988 में काजी जफर अहमद आखिरी पुरुष प्रधानमंत्री थे. 1990 के बाद से देश की सत्ता दो बेगमों खालिदा जिया और शेख हसीना के इर्द-गिर्द ही घूमती रही.

तारिक को मिला कांटों भरा ताज (Bangladesh Election Tarique Rahman)

60 वर्षीय तारिक पूर्व राष्ट्रपति और BNP के संस्थापक जियाउर रहमान और पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे हैं. खालिदा जिया का पिछले साल दिसंबर में ही लंबी बीमारी के बाद निधन हुआ था. तारिक रहमान का सफर आसान नहीं रहा. 2008 में इलाज के लिए लंदन गए तारिक 17 साल तक निर्वासन में रहे.

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शेख हसीना सरकार के दौरान उन पर कई आपराधिक मामले चले और उन्हें गैरहाजिरी में सजा भी सुनाई गई. लेकिन 2024 में हसीना सरकार के पतन के बाद ये फैसले पलट दिए गए, जिससे उनकी वतन वापसी और अब पीएम बनने का रास्ता साफ हुआ.

पीएम मोदी की बधाई और विवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस शानदार जीत के लिए तारिक रहमान को बधाई दी है. हालांकि, चुनाव पूरी तरह विवादों से परे नहीं रहा. ढाका-13 और ढाका-15 जैसी कई सीटों पर मतगणना के दौरान गड़बड़ी और अनियमितताओं की शिकायतें भी सामने आई हैं.



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