सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों के आंकड़ों को कम करने और घायलों को समय पर इलाज मुहैया कराने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नए कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ से शुरू की गई ‘पीएम राहत’ योजना को लेकर देशभर में उत्साह है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस पहल को ‘जीवनरक्षक’ बताते हुए प्रधानमंत्री का आभार जताया है.
ऐतिहासिक और जीवनरक्षक फैसला
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “पीएम राहत पहल के जरिए दुर्घटना पीड़ितों को तुरंत और सम्मानजनक मेडिकल केयर सुनिश्चित करने के लिए एक ऐतिहासिक और जीवनरक्षक फैसला लिया गया है. इस योजना के तहत 1.5 लाख रुपए तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे प्रभावित परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा.
A landmark, life-saving decision has been taken to ensure immediate and dignified medical care for accident victims through the PM RAHAT initiative, providing cashless treatment up to ₹1.5 lakh and reducing the burden on affected families. My heartfelt thanks to Prime Minister… https://t.co/DRQSQegxWb
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) February 14, 2026
उन्होंने आगे लिखा, “हर अमूल्य जीवन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाली इस संवेदनशील, दूरदर्शी और नागरिक-केंद्रित पहल के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल से आभार व्यक्त करता हूं. सेवा तीर्थ ‘नागरिकदेवो भव’ की भावना को दर्शाता है और ‘विकसित भारत’ के निर्माण के हमारे विजन को नई गति देता है.”
‘पीएम राहत’ योजना के शुभारंभ को मंजूरी
नए कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को ‘पीएम राहत’ योजना के शुभारंभ को मंजूरी दी. इस पहल के अंतर्गत दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपए तक का कैशलेस उपचार मिलेगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि तत्काल चिकित्सा सहायता के अभाव में किसी की जान न जाए.
फैसले को लेकर पीएम मोदी ने ‘एक्स’ में लिखा, “सेवा तीर्थ में गरीबों, दबे-कुचले लोगों, हमारे मेहनती किसानों, युवा शक्ति और नारी शक्ति को मजबूत बनाने से जुड़ी फाइलों पर साइन किए गए.”
लखपति दीदियों के लक्ष्य को किया दोगुना
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को लखपति दीदियों के लक्ष्य को दोगुना कर 6 करोड़ करने का भी फैसला लिया. इसके अलावा, भारत की संपूर्ण एग्रीकल्चर वैल्यू चेन को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ने एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के ऋण लक्ष्य को 1 लाख करोड़ रुपए से बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपए करने की घोषणा की. नवाचार इकोसिस्टम को शक्ति प्रदान करने के लिए 10,000 करोड़ रुपए के कॉर्पस के साथ स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 की भी घोषणा की गई.
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-भारत एक्सप्रेस
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