Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

भागलपुर NH-31 पर बस बनी काल! तेज रफ्तार ने ई-रिक्शा और पिकअप वैन को रौंदा; 4 की मौत,11 घायल

बिहार के भागलपुर के दयालपुर में NH-31 पर तेज रफ्तार बस ने ई-रिक्शा और पिकअप वैन को जोरदार टक्कर मार दी. घटना में 6 साल के बच्चे समेत 4 की मौत, 6 गंभीर रूप से घायल है. शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है.

Bhagalpur NH-31 news

अंजनी कुमार कश्यप/भागलपुर: बिहार के भागलपुर से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है. जहां दयालपुर में NH-31 पर तेज रफ्तार बस ने ई-रिक्शा और पिकअप वैन को जोरदार टक्कर मार दी. जिसके बाद 4 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जिसमें एक 6 साल का मासूम बच्चा भी शामिल है और 11 घायल हो गए. शवों को पोस्टमार्टम के लिए नवगछिया अनुमंडल अस्पताल भेज दिया गया है. जानिए पूरा मामला:

घटना कैसे हुआ?

हाईवे पर ई-रिक्शा चलाने पर पाबंदी के बावजूद यह नियमों का खुलेआम उल्लंघन हुआ. पुलिस और प्रशासन की अनदेखी का खामियाजा चार परिवारों ने अपनी जान देकर चुकाया. सड़क पर बिखरा खून और चीख-पुकार सिस्टम की लापरवाही की गवाही दे रही थी. घटना नवगछिया के झंडापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दयालपुर NH-31 की है. भागलपुर से सहरसा जा रही तेज रफ्तार बस ने सामने से आ रहे ई-रिक्शा और पिकअप वैन को जोरदार टक्कर मारी.

पुलिस मौके पर पहुंची

टक्कर इतनी भीषण थी कि ई-रिक्शा के परखच्चे उड़ गए. ई-रिक्शा पर सवार लोग नारायणपुर से इलाज करवाकर लौट रहे थे. मौके पर ही चार लोगों ने दम तोड़ दिया, जिसमें 6 साल के कुणाल कुमार भी शामिल है. छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिनमें से पांच की हालत नाजुक बताई जा रही है. सभी घायलों को तुरंत जेएलएनएमसीएच अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और नवगछिया की एसपी प्रेरणा कुमार पूरे दलबल के साथ मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर सड़क जाम को क्लियर करवाया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए नवगछिया अनुमंडल अस्पताल भेजा गया.

प्रशासन पर खड़े हुए कई सवाल

अब तक दो मृतकों की पहचान हो पाई है- कटिहार के अरविंद कुमार मंडल और खगड़िया के मोरकाही निवासी 6 वर्षीय कुणाल कुमार. बाकी दो मृतकों की पहचान जारी है. हादसे ने पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया है. अगर ई-रिक्शा के संचालन पर लगी पाबंदी का सख्ती से पालन कराया गया होता, तो शायद यह हादसा टल सकता था.

नियमों की अनदेखी और तेज रफ्तार ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब तक प्रशासन सख्ती नहीं दिखाएगा, सड़कें खून से लाल होती रहेंगी. अब यह देखना बाकी है कि इस हादसे के बाद प्रशासन हाईवे पर ई-रिक्शा के संचालन को लेकर क्या ठोस कदम उठाता है.

यह भी पढ़े:‘ये जो जलता हुआ इश्क़ है…’ इंदौर कवि सम्मेलन में CMD उपेंद्र राय ने पहली बार पढ़ी शायरी, तालियों से गूंज उठा पूरा सभागार

-भारत एक्सप्रेस

Written By: Shubhra Rai (Intern)



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital