Tonk Rajasthan Violence: राजस्थान के टोंक में इन दिनों फिजां कुछ बिगड़ी हुई नजर आ रही है. पुरानी टोंक थाना क्षेत्र का देशवाली मोहल्ला शुक्रवार की रात जंग का मैदान बन गया. मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प में बदल गया. हालात इतने बेकाबू हो गए कि वाल्मीकि बस्ती पर जमकर पत्थरों की बारिश की गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई और कई लोग घायल हो गए.
चार दिन में दूसरी बार सुलग उठा टोंक
हैरानी की बात यह है कि टोंक में शांति भंग करने की यह कोई पहली कोशिश नहीं है. पिछले महज चार दिनों के भीतर पुरानी टोंक इलाके में दो समुदायों के बीच पत्थरबाजी की यह दूसरी बड़ी घटना है. शुक्रवार रात जैसे ही पथराव की खबर मिली, पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए. आनन-फानन में भारी पुलिस जाब्ता मौके पर भेजा गया.
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए मोर्चा संभाला और कुछ उपद्रवियों को हिरासत में भी लिया है. फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस की टीमें लगातार फ्लैग मार्च कर रही हैं ताकि अफवाहों को रोका जा सके.
वाल्मीकि समाज का बड़ा फैसला
इस घटना के बाद वाल्मीकि समाज में भारी आक्रोश देखा जा रहा है. समाज के लोगों ने एक आपात पंचायत बुलाकर कड़ा फैसला लिया है. समाज का कहना है कि जब उनकी सुरक्षा ही खतरे में है, तो वे वहां काम कैसे करेंगे? पंचायत में निर्णय लिया गया कि अब वाल्मीकि समाज का कोई भी पुरुष या महिला कर्मचारी देशवाली मोहल्ले में न तो सरकारी तौर पर और न ही निजी तौर पर सफाई कार्य करेगा. समाज ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई इस फैसले के खिलाफ जाकर वहां सफाई करने जाता है, तो उसे दंडित किया जाएगा.
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सियासत भी गरमाई, पुलिस की अपील
इधर, इस बार-बार हो रही पत्थरबाजी ने राजनीतिक मोड़ भी ले लिया है. बीजेपी नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन से असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त बुलडोजर जैसी या उससे भी कड़ी कार्रवाई की मांग की है. दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अब काबू में है और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें.
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-भारत एक्सप्रेस
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