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जन-शक्ति से विकसित भारत का संकल्प: पीएम मोदी ने वेदमंत्र के जरिए दिया एकजुटता और प्रगति का संदेश

पीएम मोदी ने ऋग्वेद के मंत्र के जरिए देशवासियों को दिया एकता का संदेश. जानिए क्या है ‘स्वस्ति पन्थामनुचरेम’ का अर्थ और क्यों प्रधानमंत्री इसे भारत के विकास की असली शक्ति मानते हैं.

PM Modi Tweet

भारत की विकास यात्रा केवल सरकारी फाइलों या आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक सामर्थ्य की कहानी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर इस बात पर जोर देते हैं कि जब तक समाज का हर व्यक्ति ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ आगे नहीं बढ़ेगा, तब तक बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करना कठिन है. उन्होंने एक बार फिर देशवासियों के आत्मविश्वास को जगाने और उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के लिए एक प्रेरक संदेश साझा किया है.

सामर्थ्य और परस्पर विश्वास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऋग्वेद के एक अत्यंत कल्याणकारी मंत्र के साथ अपने विचार साझा करते हुए लिखा, ‘भारतवासियों की असीम शक्ति ही देश के विकास की धुरी है.

पीएम मोदी ने आगे कहा कि अपने सामर्थ्य और परस्पर विश्वास से हम हर संकल्प को साकार करते आए हैं और आगे भी करते रहेंगे. उन्होंने आखिर में श्लोक को लिखा:

स्वस्ति पन्थामनुचरेम सूर्याचन्द्रमसाविव.
पुनर्ददाताघ्नता जानता सङ्गमेमहि॥”

क्या है इस वेद मंत्र का अर्थ?

इसका अर्थ है: ‘हम कल्याणकारी मार्ग पर उसी प्रकार चलें, जैसे सूर्य और चंद्रमा निरंतर अपने मार्ग पर चलते हैं. हम निरंतर दान देने वाले (परोपकारी), अहिंसक और एक-दूसरे के विचारों को समझने वाले बनकर एक साथ आगे बढ़ें.’

ये मंत्र उस ‘सामूहिक चेतना’ की बात करता है. सूर्य और चंद्रमा का उदाहरण देकर यह समझाया गया है कि जैसे प्रकृति बिना रुके अपना कर्तव्य निभाती है, वैसे ही नागरिकों को भी निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहना चाहिए.

विकास की धुरी: ‘जन-भागीदारी’

हाल के वर्षों में डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं की सफलता ने यह साबित किया है कि जब जनता किसी संकल्प को अपना मान लेती है, तो परिणाम चमत्कारिक होते हैं.

वेदों का ये ज्ञान आज के ‘स्ट्रेसफुल’ और प्रतिस्पर्धी युग में प्रासंगिक है. एक तरफ हम अंतरिक्ष और एआई (AI) के क्षेत्र में झंडे गाड़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ अपनी जड़ों और महान परंपराओं को याद रखना ही हमें एक ‘सभ्य और विकसित राष्ट्र’ बनाता है.

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-भारत एक्सप्रेस



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