आपने आज तक चोरी, मारपीट या डराने-धमकाने के आरोप में इंसानों को पुलिस की गिरफ्त में जाते देखा होगा, लेकिन क्या कभी सुना है कि किसी रोबोट को गिरफ्तार किया गया हो? सुनने में यह किसी साइंस-फिक्शन फिल्म की कहानी लग सकती है, लेकिन चीन के मकाऊ शहर में हकीकत में ऐसा ही कुछ हुआ है. यहां पुलिस ने एक 4 फुट 4 इंच के ‘ह्यूमनॉइड रोबोट’ को हिरासत में लिया है.
इंसान बनाम मशीन
ये पूरी घटना पिछले हफ्ते की है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है. 70 साल की एक बुजुर्ग महिला सड़क पर आराम से चलते हुए अपने मोबाइल फोन में व्यस्त थीं. तभी उन्हें महसूस हुआ कि कोई साये की तरह उनका पीछा कर रहा है. जैसे ही उन्होंने पीछे मुड़कर देखा, उनके सामने एक लोहे का पुतला यानी रोबोट खड़ा था. अचानक सामने आई इस मशीन को देखकर महिला इतनी बुरी तरह घबरा गईं कि उनकी हार्टबीट तेज हो गई.
The First Humanoid Robot Arrested by Police🤖👮♀️
One night in Macau, a citizen was taking a walk with his humanoid robot (Unitree G1).
A passing woman yelled at him (perhaps frightening her), essentially saying, “Why bother with this when there are so many other things to do?… pic.twitter.com/moCBhsDeRW
— CyberRobo (@CyberRobooo) March 7, 2026
वीडियो में देखा जा सकता है कि डरने के बावजूद महिला का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. उन्होंने अपनी स्थानीय कैंटोनीज भाषा में रोबोट को जमकर खरी-खोटी सुनाई. उन्होंने चिल्लाते हुए कहा, “तुम मेरी धड़कनें तेज कर रहे हो! क्या तुम पागल हो गए हो? तुम्हारे पास करने के लिए और कोई काम नहीं है जो इस तरह लोगों के पीछे लग जाते हो?”
पुलिस के हत्थे चढ़ा रोबोट
हैरानी की बात यह है कि रोबोट और महिला के बीच कोई शारीरिक संपर्क नहीं हुआ था, यानी रोबोट ने महिला को छुआ तक नहीं था. लेकिन बुजुर्ग महिला इतनी ज्यादा सदमे में थीं कि उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा. डॉक्टरों ने उनकी जांच की और ब्लड प्रेशर सामान्य होने के बाद उन्हें डिस्चार्ज किया.
वहीं दूसरी ओर, घटना की सूचना मिलते ही मकाऊ पुलिस मौके पर पहुंच गई. वीडियो के अगले हिस्से में दो पुलिस अधिकारी उस ह्यूमनॉइड रोबोट को पकड़कर सड़क से ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं. पुलिस की इस कार्रवाई को देखकर लोग हैरान रह गए कि क्या अब मशीनों को भी थाने की हवा खानी पड़ेगी.
कौन था ‘शरारत’ के पीछे का मास्टरमाइंड?
जांच में पता चला कि यह रोबोट कोई आवारा मशीन नहीं थी, बल्कि मकाऊ के ही एक एजुकेशन सेंटर की थी. इसे एक 50 साल का व्यक्ति रिमोट कंट्रोल के जरिए संचालित कर रहा था. वह एजुकेशन सेंटर के प्रचार के लिए रोबोट को सड़क पर घुमा रहा था. जब पुलिस ने उसे पकड़ा, तो उसने सफाई दी कि वह रोबोट के सेंसर्स और उसके संचालन को बेहतर बनाने के लिए उसका ‘रियल टाइम टेस्ट’ कर रहा था.
पुलिस ने रोबोट के मालिक को जमकर फटकार लगाई. अधिकारियों ने उसे सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के प्रयोग न किए जाएं जिससे पैदल चलने वालों, खासकर बुजुर्गों और बच्चों में दहशत फैले. फिलहाल, रोबोट और उसके मालिक को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है, लेकिन इस घटना ने भविष्य के ‘रोबोटिक समाज’ को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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