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बेरोजगार युवाओं को चंद रुपयों का लालच देकर बनाया जासूस, पाकिस्तान का ‘खतरनाक गेम प्लान’ डिकोड

गाजियाबाद में पकड़े गए जासूसों ने हिंडन एयरफोर्स स्टेशन की तस्वीरें पाकिस्तान भेजी थीं. बेरोजगार युवाओं को मोहरा बनाकर रेलवे स्टेशनों पर गुप्त कैमरे लगाए जा रहे थे.

Hindon Airbase Espionage Pakistan Spy Network

Pakistan Spy Network: देवनाथ/गाजियाबाद: देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर एक ऐसा चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसने जांच एजेंसियों की रातों की नींद उड़ा दी है. गाजियाबाद स्थित सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हिंडन एयरबेस की जासूसी करने के आरोप में पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ में रोंगटे खड़े कर देने वाली जानकारियां सामने आई हैं. पता चला है कि इस पूरी जासूसी नेटवर्क को चलाने के लिए पाकिस्तान से फंडिंग हो रही थी, जिसका रास्ता पंजाब से होकर गुजरता था.

हवाला के जरिए फंडिंग

जांच एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, जासूसी के इस काले खेल के लिए रकम ‘हवाला’ के जरिए पंजाब भेजी जा रही थी और वहां से इसे आरोपियों तक पहुंचाया जाता था. जब पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के बैंक खातों की पड़ताल की, तो उसमें कई संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिले. ये रकम छोटी किस्तों से लेकर मोटी रकम तक थी, जो अलग-अलग समय पर खातों में जमा की गई थी.

सबसे डराने वाली बात यह है कि आरोपियों ने हिंडन एयरफोर्स स्टेशन की सटीक लोकेशन, संवेदनशील जगहों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तानी नंबरों पर साझा किए थे. इनके मोबाइल फोन से यह तमाम डिजिटल सबूत बरामद कर लिए गए हैं.

बेरोजगार युवाओं को बनाया ‘मोहरा’

पूछताछ में खुलासा हुआ है कि सुहेल और इरम नाम के आरोपी पाकिस्तानी पैसों के दम पर भारत में अपना नेटवर्क फैला रहे थे. उनके निशाने पर मुख्य रूप से बेरोजगार युवा थे. इन युवाओं को चंद रुपयों का लालच देकर देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने के लिए तैयार किया जाता था.
रेट कार्ड: फोटो खींचने के लिए 500 रुपये और वीडियो बनाने के लिए 1000 रुपये दिए जाते थे.
ट्रेनिंग: सरफराज उर्फ सरदार नाम का शख्स इन युवाओं को ट्रेनिंग देता था. ये युवक कान पर फोन लगाकर ऐसे घूमते थे जैसे किसी से बात कर रहे हों, लेकिन असल में उनके कैमरे संवेदनशील ठिकानों की रिकॉर्डिंग कर रहे होते थे.

कैंट स्टेशनों पर CCTV लगाने की योजना

जासूसी का यह जाल सिर्फ फोटो-वीडियो तक सीमित नहीं था. आरोपियों का मकसद देश के सभी महत्वपूर्ण कैंट इलाकों के रेलवे स्टेशनों पर अपने CCTV कैमरे इंस्टॉल करना था, ताकि वे हर गतिविधि पर लाइव नजर रख सकें.
आरोपी दिल्ली कैंट और सोनीपत रेलवे स्टेशन पर गुप्त कैमरे लगाने में कामयाब भी हो गए थे, जिन्हें एजेंसियों ने बरामद कर लिया है. इनका अगला निशाना अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन था.

एजेंसियों का मानना है कि इतनी बारीकी से जानकारी जुटाने के पीछे पाकिस्तान का इरादा भारत के महत्वपूर्ण ठिकानों पर बड़े आतंकी हमले करने का हो सकता है.

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त का बयान

इस संवेदनशील मामले पर श्री राजकरन नैय्यर (अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, कानून व्यवस्था/यातायात) ने बताया कि पुलिस और जांच एजेंसियां इस नेटवर्क की गहराई तक जाने का प्रयास कर रही हैं. संदिग्धों से पूछताछ जारी है ताकि इस जासूसी चेन से जुड़े अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके और किसी भी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके.

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-भारत एक्सप्रेस



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