Ajab Gajab: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में नवरात्र के मौके पर एक बेहद अनोखी परंपरा निभाई जाती है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं. डाकवाड़ी इलाके में हर साल 12 गाड़ी मेला आयोजित होता है. इस मेले में एक भगत सैकड़ों लोगों से भरी गाड़ियों को करीब 500 मीटर तक खींचता है. यह नजारा इतना अद्भुत होता है कि इसे देखने के लिए मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र और गुजरात से भी श्रद्धालु और दर्शक पहुंचते हैं.
पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आयोजन करीब पांच पीढ़ियों से लगातार होता आ रहा है. पहले पूर्वज इसे निभाते थे और अब नई पीढ़ी भी पूरे उत्साह के साथ इस परंपरा को आगे बढ़ा रही है. नवरात्र के दिनों में यह आयोजन खास आकर्षण बन जाता है और धीरे-धीरे इसकी पहचान पूरे क्षेत्र में फैल चुकी है.
साधना से मिलती है शक्ति
मान्यता है कि गाड़ी खींचने वाला भगत नवरात्र से पहले लगभग सवा महीने तक भगवान हनुमान की कठोर साधना करता है. वह नियमों का पालन करता है, दिन-रात पूजा-पाठ में लीन रहता है और ताप्ती नदी के किनारे नियमित पूजा करता है. इसी साधना से उसे इतनी शक्ति मिलती है कि वह भारी-भरकम गाड़ियों को खींचने में सक्षम होता है.
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छोटा आयोजन, बड़ी तैयारी
दिलचस्प बात यह है कि यह पूरा आयोजन केवल 20 मिनट का होता है, लेकिन इसकी तैयारी करीब 10 दिन पहले से शुरू हो जाती है. जब भगत गाड़ी खींचता है, तो हजारों लोग इस अद्भुत दृश्य को देखने के लिए इकट्ठा हो जाते हैं. युवाओं का उत्साह इस मेले में देखने लायक होता है. बड़ी संख्या में युवा इसमें शामिल होते हैं और परंपरा को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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