प्रतीकात्मक तस्वीर.
पश्चिम बंगाल की राजनीति और चुनावी माहौल के बीच भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने सोमवार (23 मार्च) देर रात करीब 11:55 बजे राज्य की पहली सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी कर दी. यह वही सूची है, जिसका लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था, क्योंकि इसमें उन मतदाताओं के नाम शामिल हैं जिन पर पिछले कुछ समय से असमंजस बना हुआ था.
दरअसल, 28 फरवरी को जब चुनाव आयोग ने फाइनल वोटर लिस्ट निकाली, तो उसमें करीब 60 लाख नामों के आगे ‘अंडर डिसीजन’ (विचाराधीन) का टैग लगा दिया गया था. आसान भाषा में कहें तो इन लोगों की वोटिंग आईडी पर संशय था. आयोग को तय करना था कि ये नाम लिस्ट में रहेंगे या हटा दिए जाएंगे.
इस भारी-भरकम काम को निपटाने के लिए चुनाव आयोग ने कोई कसर नहीं छोड़ी. करीब 705 न्यायिक अधिकारियों को तैनात किया गया था, जिनका काम सिर्फ इन विवादित नामों की सुनवाई करना और सबूतों के आधार पर फैसला लेना था.
मैराथन जांच और देर रात का फैसला
सोमवार शाम को ही बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने संकेत दे दिया था कि काम चल रहा है. उन्होंने बताया था कि लगभग 29 लाख नामों की बारीकी से जांच पूरी कर ली गई है. इसके बाद जैसे ही घड़ी की सुइयां रात के 12 बजाने वाली थीं, आयोग ने डिजिटल पोर्टल पर लिस्ट लाइव कर दी.
हालांकि, अभी यह पूरी तरह साफ नहीं हो पाया है कि इन 29 लाख नामों में से कितनों को ‘हरी झंडी’ मिली है और कितनों का पत्ता कट गया है. लेकिन आयोग ने हर बूथ की अपडेटेड लिस्ट वेबसाइट पर डाल दी है ताकि पारदर्शिता बनी रहे.
आम जनता के लिए क्या है खास?
अगर आप बंगाल के निवासी हैं और पिछले कुछ दिनों से इस बात को लेकर परेशान थे कि आपका नाम लिस्ट में है या नहीं, तो अब आप चैन की सांस ले सकते हैं. चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाइट पर हर बूथ के हिसाब से लिस्ट अपडेट कर दी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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