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‘नशे के दलदल में…’; एलजी मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ की प्रगति की समीक्षा की

जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने युवाओं को मादक पदार्थों के जाल से बचाने के लिए कड़े कदम उठाने का निर्देश दिया.

जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को केंद्र शासित प्रदेश के युवाओं को निशाना बनाने वाले मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले नेटवर्क के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई का निर्देश दिया.

एलजी सिन्हा ने जम्मू के लोक भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में जम्मू और कश्मीर में नशा मुक्त भारत अभियान’ की प्रगति की समीक्षा की.

उन्होंने कहा, “जम्मू और कश्मीर के युवाओं को नशे के दलदल में धकेलने के लिए जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं. मादक पदार्थों की तस्करी और नार्को-आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करने के लिए कड़े प्रवर्तन, मजबूत निवारक उपायों और सावधानीपूर्वक तैयार की गई बहुआयामी कार्य योजना को मिलाकर एक व्यापक, समग्र सरकारी दृष्टिकोण की तत्काल आवश्यकता है.”

उन्होंने जम्मू और कश्मीर को ‘नशा मुक्त’ बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ‘जन भागीदारी’ (जन आंदोलन) और मादक द्रव्यों के दुरुपयोग के खिलाफ समन्वित प्रतिक्रिया का आह्वान किया.

बैठक में पांच मुख्य क्षेत्रों पर विशेष चर्चा

बैठक में पांच मुख्य क्षेत्रों कानून लागू करना, सूचना, शिक्षा और संचार, परामर्श, उपचार और पुनर्वास पर चर्चा की गई. साथ ही झूठे नैरेटिव का मुकाबला करने के लिए एक सख्त सोशल मीडिया निगरानी प्रणाली को भी इसमें शामिल किया गया. उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विशेष रूप से शैक्षणिक संस्थानों के भीतर, मिशन मोड में रोकथाम के उपायों को लागू करें. उन्होंने सिस्टम के भीतर नार्को-आतंक नेटवर्क के किसी भी बचे हुए हिस्से की पहचान करने और उन्हें सख्त से सख्त सज़ा देने का भी निर्देश दिया.

उपराज्यपाल ने सामुदायिक सहयोग पर जोर दिया

एलजी सिन्हा ने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों को नशीली दवाओं की लत और नशीली दवाओं की तस्करी से संबंधित मामलों की सूचना पुलिस और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन को देने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए. उन्होंने जम्मू और कश्मीर में आगामी गहन नशीली दवाओं के प्रति जागरूकता अभियान के लिए सभी संबंधित विभागों की तैयारियों की भी समीक्षा की.

उपराज्यपाल ने कहा, “नशीली दवाओं की लत के खिलाफ लड़ाई में धार्मिक नेताओं, सामाजिक संगठनों, पूर्व सैनिकों, राष्ट्रीय कैडेट कोर, राष्ट्रीय सेवा योजना, स्काउट्स एंड गाइड्स और राजनीतिक नेताओं को शामिल किया जाना चाहिए.”

उन्होंने पिछले एक वर्ष में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत संचालित गतिविधियों के मूल्यांकन का निर्देश दिया.

नशामुक्ति अभियान में हर जिले को जोड़ने का निर्देश

बैठक में नशा मुक्त जम्मू और कश्मीर पोर्टल पर सभी जिलों को शामिल करने, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, चल रहे सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रमों, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण, नशामुक्ति अवसंरचना और मानव संसाधन को मजबूत करने और विस्तार करने, नशा उपचार सुविधाओं के संचालन, नशामुक्ति रजिस्ट्री पोर्टल, मानक संचालन प्रक्रियाओं के कार्यान्वयन और संबंधित विभागों द्वारा की गई गतिविधियों पर भी चर्चा की गई.

उपराज्यपाल ने बैठक के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों को सीमावर्ती गांवों के समावेशी विकास पर विशेष ध्यान देने के साथ जीवंत ग्राम कार्यक्रम को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया.

बैठक में जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद

इस बैठक में जम्मू और कश्मीर के मुख्य सचिव अटल डुल्लू, डीजीपी नलिन प्रभात, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शैलेंद्र कुमार, प्रधान सचिव (गृह) चंद्रकर भारती, उपराज्यपाल के प्रधान सचिव मनदीप के. भंडारी, जम्मू-कश्मीर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त सचिव एम. राजू, प्रशासनिक सचिव, संभागीय आयुक्त जम्मू रमेश कुमार, सूचना एवं आपातकालीन सरकारी अधिकारी जम्मू भीम सेन तुती, सूचना एवं आपातकालीन सरकारी अधिकारी जम्मू-कश्मीर सुजीत कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.

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-भारत एक्सप्रेस



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