शेखावाटी विश्वविद्यालय में भारत एक्सप्रेस के CMD उपेन्द्र राय ने संबोधन दिया, 3 अहम केंद्रों का लोकार्पण भी किया.
Atmanirbhar Shekhawati Seminar: राजस्थान में सीकर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय में आज ‘आत्मनिर्भर शेखावाटी’ विषय पर एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी आयोजित की गई. भारत एक्सप्रेस के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ उपेन्द्र राय मुख्य अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम में शामिल हुए. उन्होंने पं. दीनदयाल उपाध्याय कौशल विकास केन्द्र, पं. दीनदयाल उपाध्याय उद्यमिता केन्द्र और प्रतिभा पोषण केंद्र (इन्क्यूबेशन सेंटर) का लोकार्पण कराया.
इस अवसर पर एसबीआई केंद्रीय बोर्ड के निदेशक धर्मेन्द्र सिंह शेखावत और शिक्षा संस्कृति उत्थान-न्यास (नई दिल्ली) के राष्ट्रीय सहसंयोजक ओम प्रकाशक शर्मा भी उपस्थित थे. इनके अलावा कार्यक्रम में कई प्रमुख उद्योगपति, जनप्रतिनिधि और बुद्धिजीवी शामिल हुए. यहां प्रदर्शनी में क्षेत्रीय स्टार्टअप और हस्तशिल्प की झलकियां देखने को मिलीं. CMD उपेन्द्र राय के संबोधन के दौरान छात्रों में उत्साह का माहौल रहा. उन्होंने लाइव प्रसारण के जरिए भी लोगों तक अपनी बात पहुंचाई.

‘महात्मा बुद्ध युवाओं के लिए प्रेरणा’
भारत एक्सप्रेस के CMD उपेन्द्र राय ने युवाओं को आत्मनिर्भरता का मंत्र दिया और भारत की पहचान पर गहराई से बात की. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा बुद्ध भारत की आत्मा जैसे हैं. आज दुनिया में भारत को जो पहचान मिल रही है, वह महात्मा बुद्ध के कारण है. बुद्ध भारत के असली चेहरे हैं. उन्होंने कहा कि कर्मकांडी पंडितों ने बुद्ध को मिटाने की कोशिश की, लेकिन उनकी विचारधारा आज भी दुनिया में सम्मान पा रही है. बुद्ध भारत की विचारधारा का प्रतीक हैं.


‘जीवन के संघर्ष से सीखकर आगे बढ़ें’
CMD उपेन्द्र राय ने युवाओं से अपील की कि वे परंपराओं को तोड़कर आगे बढ़ें. उन्होंने कहा कि जब आप अपनी परंपराओं को तोड़कर आगे बढ़ते हैं तभी दुनिया आपको पहचानती है. मौलिकता जागृत करने की जरूरत है. अगर मौलिकता नहीं जगेगी तो लोग डर और भय में फंसे रहेंगे और उनका विकास संभव नहीं होगा. उन्होंने कहा कि इंसान ठान ले तो भगवान बन सकता है. जैसे कबीर या महात्मा बुद्ध बने. जीवन के संघर्ष से सीखकर आगे बढ़ना चाहिए.

‘मरवाड़ी समाज में है आत्मनिर्भरता’
CMD उपेन्द्र राय ने मरवाड़ी समाज की सराहना की. उन्होंने बताया कि भारत में ज्यादातर धर्मशालाएं और धार्मिक संस्थान मरवाड़ी समुदाय ने ही बनवाए हैं. यह समुदाय आत्मनिर्भरता का अच्छा उदाहरण है. शेखावाटी के युवा आत्मनिर्भर बनेंगे तो पूरे देश के लिए उदाहरण बन सकते हैं.
CMD उपेन्द्र राय ने युवाओं को खुद पर निर्भर होने का मंत्र दिया. उन्होंने कहा कि शिक्षा और उद्यमिता को जोड़कर ही क्षेत्र का विकास संभव है. छात्रों को नौकरी की तलाश के बजाय खुद रोजगार पैदा करने की सोच अपनानी चाहिए.



‘विकसित भारत’ के लक्ष्य में योगदान
‘आत्मनिर्भर शेखावाटी’ में शेखावाटी क्षेत्र को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में योगदान देने पर चर्चा हुई. स्टार्टअप, नवाचार, हस्तशिल्प और नई औद्योगिक परियोजनाओं की प्रदर्शनी लगाई गई. विश्वविद्यालय के करीब 575 कॉलेजों में तीन लाख पचास हजार छात्र पढ़ रहे हैं. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत यहां स्नातकोत्तर शिक्षा दी जा रही है.
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