CM Yogi Ki Pati: उत्तर प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होने जा रही है. इस मौके पर ‘नवविनिर्माण के 9 वर्ष’ पूरे होने के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के बच्चों (नौनिहालों) और उनके अभिभावकों के नाम एक खास पत्र (योगी की पाती) लिखी है. ‘मेरे प्यारे बच्चों…’ के संबोधन से शुरू हुए इस पत्र में सीएम योगी ने न सिर्फ बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं, बल्कि आधुनिक युग की चुनौतियों, जैसे मोबाइल की लत से बचने और संस्कारों के साथ पढ़ाई करने का बड़ा संदेश भी दिया है.
‘स्क्रीन टाइम घटाएं, एक्टिविटी टाइम बढ़ाएं’
अपने पत्र में सीएम योगी ने आज के तकनीकी युग की हकीकत को स्वीकार करते हुए बच्चों को इसके सही उपयोग की सलाह दी है. उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा, “आज तकनीकी का युग है, उसका सही उपयोग करना सीखें. ‘स्क्रीन टाइम’ (मोबाइल/टीवी देखने का समय) के स्थान पर ‘एक्टिविटी टाइम’ (शारीरिक गतिविधियों) पर ध्यान केंद्रित करें. खूब खेलें, खूब पढ़ें.” उन्होंने स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के लिए खेलकूद व योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाने पर जोर दिया है.
श्रीराम और श्रीकृष्ण के गुरुकुल का दिया उदाहरण
सीएम योगी ने बच्चों को शिक्षा और संस्कारों का महत्व समझाते हुए अपने बचपन के स्कूल का भी जिक्र किया. उन्होंने लिखा, “कुछ दिन पूर्व मुझे अपने विद्यालय जाने का सौभाग्य मिला, जहां से मुझे जीवन की मूल शिक्षा और संस्कार मिले. विद्यालय मात्र पढ़ाई का स्थान नहीं, अपितु व्यक्तित्व निर्माण की प्रथम पाठशाला है.”
मेरे प्यारे बच्चों,
नया शैक्षणिक सत्र आरंभ हो रहा है। आप सभी को स्वर्णिम भविष्य की ढेर सारी शुभकामनाएं। नए सत्र में आप अपनी रुचि के विषय, खेल एवं विद्यालय की गतिविधियों में पूरे मनोयोग से हिस्सा लें तथा अपने सपनों में रंग भरें।
सरकार सुनिश्चित कर रही है कि एक भी बच्चा शिक्षा… pic.twitter.com/3GEZ4OjALR
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 30, 2026
बच्चों को प्रेरित करने के लिए उन्होंने महापुरुषों का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम के मर्यादा पुरुषोत्तम और भगवान श्रीकृष्ण के कर्मयोगी स्वरूप की प्रथम सीढ़ी उनका ‘गुरुकुल’ ही था. इसके साथ ही उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी के सिद्धांतों को अपनाकर सकारात्मक सोच के साथ असंभव लक्ष्य हासिल करने का मंत्र भी दिया.
अभिभावकों से खास अपील
इस पाती में मुख्यमंत्री ने केवल बच्चों से ही नहीं, बल्कि उनके माता-पिता से भी सीधा संवाद किया है. उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को तो उत्तम शिक्षा दिला ही रहे हैं, लेकिन अपने आस-पड़ोस के उन वंचित बच्चों को भी स्कूल तक पहुंचाने का संकल्प लें जो शिक्षा से दूर हैं. जिन परिवारों को सरकारी योजनाओं का ज्ञान नहीं है, उन्हें जागरूक करने की जिम्मेदारी भी समाज को उठानी चाहिए.
1 अप्रैल 2026 से ‘स्कूल चलो अभियान’ का शंखनाद
योगी का पाती में सीएम योगी ने सरकार के दृढ़ निश्चय को दोहराते हुए कहा कि यूपी का एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए. इसी संकल्प को पूरा करने के लिए पूरे प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक ‘स्कूल चलो अभियान’ चलाया जा रहा है. पत्र के अंत में उन्होंने ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ का विजन रखते हुए कहा कि यह लक्ष्य तभी पूर्ण होगा जब सूबे का “हर बच्चा पढ़ेगा और हर बच्चा बढ़ेगा.”
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