रिपोर्ट- अंसार मलिक, संभल
उत्तर प्रदेश के संभल जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो हर किसी को झकझोर देता है. कोतवाली क्षेत्र के शहजादी सराय इलाके में रहने वाले बदाम सिंह 20 मार्च से लापता हैं.
जानकारी के मुताबिक, बदाम सिंह एक ठेकेदार प्रदीप चौहान के साथ बिजली का काम करने छत्तीसगढ़ के रायपुर गया था. शुरुआत में परिवार से उसका संपर्क बना रहा, लेकिन कुछ दिनों बाद अचानक उनका मोबाइल बंद हो गया और फिर वह जैसे ज़मीन में ही गायब हो गया.
परिवार का कहना है कि इसके बाद से अब तक बदाम सिंह का कोई पता नहीं चल सका है.
आखिर कहां गया बदाम सिंह?
परिजनों ने कई बार स्थानीय पुलिस से मदद की गुहार लगाई है. थाने के चक्कर लगाए, अधिकारियों से भी मिले, लेकिन परिवार का आरोप है कि हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला है. कोई ठोस कार्रवाई या खोजबीन सामने नहीं आई. इसी वजह से परिवार में गुस्सा और मायूसी दोनों बढ़ते जा रहे हैं.
बदाम सिंह की मां रामवती का दर्द साफ झलकता है. वह रोज अपने बेटे की तस्वीर हाथ में लेकर कभी थाने तो कभी तहसील और कभी बड़े अधिकारियों के दफ्तर पहुंच जाती हैं.
रामवती कहती हैं कि
“हमने हर दरवाज़ा खटखटाया, लेकिन अभी तक सिर्फ भरोसा ही मिला है, मेरा बेटा कब वापस आएगा कोई नहीं बता रहा.”
ठेकेदार के रवैये ने बढ़ाया शक
मामले को और गंभीर तब माना जा रहा है जब परिजनों ने ठेकेदार प्रदीप चौहान के रवैये पर सवाल उठाया. परिवार का आरोप है कि जब उन्होंने बदाम सिंह के बारे में जानकारी मांगी तो ठेकेदार ने साफ जवाब देने के बजाय उन्हें धमकाना शुरू कर दिया. इस व्यवहार के बाद परिवार का शक और गहरा गया है. उनका कहना है कि इस पूरे मामले में कुछ न कुछ गड़बड़ जरूर है, जिसे छिपाने की कोशिश की जा रही है.
बदाम सिंह के पिता शांति प्रसाद भी लगातार बेटे की तलाश में परेशान हैं. उनका कहना है कि पुलिस और प्रशासन अगर गंभीरता से काम करे तो उनके बेटे का सुराग लग सकता है. शांति प्रसाद कहते हैं कि
“हम बस अपने बेटे को सही-सलामत देखना चाहते हैं, बाकी हमें कुछ नहीं चाहिए.”
-भारत एक्सप्रेस
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