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बस्तर में ‘अंतिम तेलुगू कैडर’ का अंत! जानें कांकेर मुठभेड़ में कैसे ढेर हुई नक्सलियों की महिला कमांडर ‘रूपी’?

छत्तीसगढ़ के Kanker में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में महिला माओवादी कमांडर रूपी को मार गिराया. रूपी बस्तर क्षेत्र की अंतिम ‘तेलुगू कैडर’ मानी जा रही थी, जिससे नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है…

रिपोर्ट-प्रियंका कौशल


छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में माओवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता मिली है. खबर है कि जिला कांकेर के परतापुर थाना क्षेत्र के सीमावर्ती जंगलों में हुई एक भीषण मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने खूंखार महिला माओवादी कमांडर ACM रूपी को मार गिराया है. विशेष बात यह है कि रूपी बस्तर क्षेत्र में सक्रिय अंतिम ‘तेलुगू माओवादी कैडर’ थी, जिसके खात्मे को माओवादी संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.

ऑपरेशन को कैसे दिया अंजाम?

कांकेर पुलिस अधीक्षक श्री निखिल राखेचा ने बताया कि पुलिस को माचपल्ली और आरामझोरा क्षेत्र के घने जंगलों में माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी. इस इनपुट के आधार पर पुलिस बल ने तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया. जब सुरक्षा बल माचपल्ली इलाके में पहुँचे, तो माओवादियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी. जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाला. मुठभेड़ रुकने के बाद जब इलाके की सर्चिंग की गई, तो वहाँ से एक महिला माओवादी का शव बरामद हुआ.

तेलुगू कैडर की अंतिम कमांडर ‘रूपी’

मारे गए माओवादी कैडर की पहचान ACM रूपी के रूप में हुई है. रूपी का माओवादी संगठन में काफी प्रभाव था और वह डीकेएसजेडसी सदस्य विजय रेड्डी की पत्नी थी. गौरतलब है कि विजय रेड्डी भी एक खूंखार माओवादी था, जिसका शव वर्ष 2025 में मोहला जिले में हुई एक मुठभेड़ के बाद बरामद किया गया था. रूपी के मारे जाने के साथ ही बस्तर में माओवाद के उस दौर का एक बड़ा अध्याय समाप्त हो गया है जो तेलुगू कैडर्स के नेतृत्व में चल रहा था.

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बस्तर आईजी की अंतिम चेतावनी

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पट्टलिंगम ने इस सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शासन की ओर से लगातार आत्मसमर्पण और पुनर्वास की अपील की जाती रही है. उन्होंने कहा कि विगत महीनों में बड़ी संख्या में कैडरों ने मुख्यधारा को चुना है, लेकिन रूपी जैसे कुछ लोगों ने हिंसा का रास्ता नहीं छोड़ा, जिसका परिणाम आज सबके सामने है. आईजीपी ने शेष बचे माओवादियों को चेतावनी देते हुए कहा कि उनके पास समय बहुत कम है; वे हिंसा त्यागें और सम्मानजनक जीवन की शुरुआत करें, वरना सुरक्षा बल उनका इसी तरह अंत करने के लिए तैयार हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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