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25 महीने..जिगरी दोस्त..नाले में दफन राज; 2 साल बाद मिले कंकाल से खुला गोपालगंज हत्याकांड का सच

बिहार के गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र में 25 महीने पहले अपहृत युवक चंदन का कंकाल पुलिस ने नाले से बरामद किया है. एसपी विनय तिवारी की स्पेशल टीम ने मामले को सुलझाते हुए मृतक के दो दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है.

Gopalganj Murder Case

दोस्ती के नाम पर धोखे की ऐसी खौफनाक कहानी सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है. बिहार के गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र से करीब 25 महीने पहले अचानक लापता हुए युवक ‘चंदन’ के अपहरण की गुत्थी आखिर पुलिस ने सुलझा ली है. दो साल से जिस बेटे की वापसी की आस में परिवार दिन-रात तड़प रहा था, उसका सिर्फ कंकाल और सिर का हिस्सा एक गंदे नाले से बरामद हुआ है. पुलिस ने इस दिल दहला देने वाले मामले में मृतक के दो दोस्तों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया है.

25 महीने से लापता

यह पूरा मामला 25 महीने पुराना है. कुचायकोट के सासामुसा का रहने वाला चंदन एक दिन अपने दोस्तों के साथ घर से निकला था. परिजनों ने सोचा था कि वह कुछ देर में लौट आएगा, लेकिन उस दिन के बाद वह कभी वापस नहीं आया. अनहोनी की आशंका जताते हुए परिजनों ने कुचायकोट थाने में अपहरण की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. शुरुआती जांच में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला, और केस ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा था. लेकिन कुछ दिन पहले जब परिजनों ने आला अधिकारियों से मिलकर न्याय की गुहार लगाई, तो पुलिस एक्शन में आई.

स्पेशल टीम को मिला डिजिटल सुराग

गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक (SP) विनय तिवारी ने इस ‘ब्लाइंड अपहरण केस’ की गुत्थी सुलझाने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया. इस टीम ने परिजनों से मिले नए इनपुट, पुराने कॉल डिटेल्स (CDR), मोबाइल लोकेशन और संदिग्धों की गतिविधियों को खंगालना शुरू किया.

डिजिटल सुरागों की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस शक के घेरे में आए चंदन के दो दोस्तों दीपक कुमार और मन्नू कुमार तक पहुंची. पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो वे टूट गए और उन्होंने अपहरण व हत्याकांड का खौफनाक सच उगल दिया.

मजिस्ट्रेट के सामने JCB से खुदाई

आरोपियों ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि उन्होंने ही चंदन का अपहरण किया था और उसी दिन उसकी हत्या कर शव को सासामुसा के नाले में फेंक दिया था.
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने दंडाधिकारी (मजिस्ट्रेट) की मौजूदगी में सासामुसा के नाले की जेसीबी (JCB) मशीन से खुदाई करवाई. खुदाई के बाद वहां से एक कंकाल और सिर का हिस्सा बरामद किया गया. परिजनों ने भी इस कंकाल की पहचान चंदन के रूप में की है.

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दो साल बाद नाले की गहराई से निकला यह कंकाल न सिर्फ हत्यारों की दरिंदगी का गवाह है, बल्कि पुलिसिया तफ्तीश की एक बड़ी कामयाबी भी है. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. अब बरामद कंकाल का वैज्ञानिक परीक्षण (DNA Test) कराने की योजना बनाई जा रही है, ताकि कानूनी तौर पर इस बात की सौ प्रतिशत पुष्टि हो सके कि यह कंकाल अपहृत चंदन का ही है. इस खुलासे के बाद इलाके में जहां एक ओर सनसनी फैली है.



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