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‘हम और तकलीफ नहीं सहना चाहते… बंगाल में बदलाव हो!’ BJP की प्रचंड जीत के लिए वाराणसी में विशेष सूर्य उपासना

West Bengal election results 2026: 4 मई को बंगाल चुनाव की मतगणना के बीच वाराणसी के गंगा घाटों पर गूंजा ‘शंखनाद’! महिलाओं ने सूर्य उपासना और विशेष गंगा आरती कर बंगाल में 15 साल के ‘दीदी’ के राज को खत्म कर BJP की प्रचंड जीत के लिए प्रार्थना की है. काशी से लेकर कोलकाता तक नतीजों की धड़कन तेज है.

West Bengal election results 2026 Varanasi

West Bengal election results 2026: पश्चिम बंगाल की सत्ता पर अगले 5 साल कौन राज करेगा, इसका फैसला 4 मई को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के खुलने के साथ ही शुरू हो गया है. एक तरफ जहां बंगाल के स्ट्रॉन्ग रूम्स में वोटों की गिनती जारी है, वहीं इस चुनावी महासंग्राम का आध्यात्मिक असर उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी वाराणसी में भी देखने को मिल रहा है. सोमवार सुबह वाराणसी की महिलाओं ने गंगा घाट के किनारे पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत के लिए विशेष पूजा-अर्चना और सूर्य उपासना की.

‘बंगाल में बदलाव होना चाहिए…’ (west bengal election results live)

काशी के गंगा घाटों पर शंखनाद के बीच महिलाओं ने पूरी श्रद्धा के साथ गंगा आरती की. इस दौरान एक महिला ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, “हमने यहां प्रार्थना की है और आरती की है. हमें पूरी उम्मीद है कि भाजपा सत्ता में आएगी. बंगाल में बदलाव होना चाहिए. हम चाहते हैं कि इस बार भाजपा जीते.”

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एक अन्य महिला ने दर्द बयां करते हुए कहा कि, “हमने शंखनाद और सूर्य उपासना इसलिए की ताकि बंगाल में भाजपा आ सके. हमने बहुत मुश्किलें झेली हैं, अब हम और तकलीफ नहीं उठाना चाहते.” महिलाओं का स्पष्ट कहना था कि उन्होंने भारी बहुमत से बीजेपी की जीत के लिए ये रस्में निभाई हैं.

93% बंपर वोटिंग और एग्जिट पोल्स के इशारे

बता दें कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की मतगणना सुबह 8 बजे से ही शुरू हो चुकी है. इस बार राज्य में दो चरणों (23 अप्रैल और 29 अप्रैल) में चुनाव हुए थे, जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और करीब 93 फीसदी बंपर वोटिंग हुई. इस भारी मतदान के बाद सामने आए ज्यादातर एग्जिट पोल्स (Exit Polls) ने भी भविष्यवाणी की है कि 15 साल के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शासन का अंत हो सकता है और राज्य में पहली बार बीजेपी की सरकार बन सकती है.

TMC बनाम BJP: कांग्रेस-लेफ्ट की साख दांव पर (west bengal assembly election results)

बंगाल के इस रण में मुख्य और सीधा मुकाबला सत्तारूढ़ ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच है.

वहीं, कभी बंगाल पर दशकों तक राज करने वाले लेफ्ट फ्रंट और कांग्रेस की स्थिति दिलचस्प है. इस बार दोनों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा है (हालांकि लेफ्ट का एआईएसएफ के साथ सीटों का समझौता था). 2021 के विधानसभा चुनावों में TMC ने 216 और BJP ने 77 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस और माकपा के नेतृत्व वाला लेफ्ट फ्रंट अपना खाता भी नहीं खोल पाए थे.

कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती (west bengal assembly election results For Congress)

इस बार कांग्रेस और लेफ्ट के सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य विधानसभा में सिर्फ अपनी मौजूदगी दर्ज कराकर खाता खोलने की है. अब 4 मई को जैसे-जैसे ईवीएम के नतीजे सामने आएंगे, यह पूरी तरह साफ हो जाएगा कि क्या काशी के गंगा घाटों पर गूंजा महिलाओं का शंखनाद बंगाल में ‘कमल’ खिलाने में कामयाब रहा, या फिर ‘दीदी’ अपना किला बचाने में एक बार फिर सफल रहेंगी.



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