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प्रतीक यादव की मौत या ‘साजिश’? भाई अखिलेश समेत पार्टी नेताओं ने उठाए ये 5 बड़े सवाल!

Prateek Yadav के निधन के बाद समाजवादी पार्टी ने मामले की गहन जांच की मांग उठाई है. पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav के ‘आर्थिक तनाव’ वाले बयान ने घटना को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है…

prateek yadav death suspence: मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और बीजेपी नेत्री अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का बुधवार सुबह लखनऊ के सिविल अस्पताल में निधन हो गया. 36 साल की उम्र में एक ऐसे व्यक्ति का जाना, जो अपनी बॉडीबिल्डिंग और फिटनेस के लिए देश-विदेश में मशहूर था, किसी को हजम नहीं हो रहा है.

अस्पताल पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा प्रवक्ताओं के बयानों ने इस मामले में अब कानूनी मोड़ दे दिया है. सपा ने मौत की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, जिससे यह साफ हो गया है कि यादव कुनबा इसे महज एक ‘प्राकृतिक मौत’ नहीं मान रहा है.

फिटनेस फ्रीक की अचानक मौत कैसे?(prateek yadav death)

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने पहला और सबसे बड़ा सवाल यही उठाया है. उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपनी सेहत को लेकर इतना जुनूनी (फिटनेस फ्रीक) था, जिसकी फिटनेस की चर्चा विदेशों तक थी, वह अचानक अस्पताल कैसे पहुंच गया? सपा का कहना है कि एक ‘हेल्थ आइकॉन’ का इस तरह हार्ट फेल या किसी अन्य साधारण वजह से चले जाना बेहद संदेहास्पद है.

अखिलेश यादव का ‘आर्थिक संकट’ वाला एंगल

अखिलेश यादव ने मीडिया से बात (Akhilesh on prateek yadav death) करते हुए एक चौंकाने वाला संकेत दिया. उन्होंने कहा कि प्रतीक ‘आर्थिक संकट’ और बिजनेस में हुए नुकसान के चलते काफी समय से दुखी और तनाव में थे. अखिलेश का यह बयान इशारा कर रहा है कि क्या प्रतीक के खिलाफ कोई ऐसी बाहरी ताकतें सक्रिय थीं जो उन पर मानसिक दबाव बना रही थीं? क्या यह तनाव ही उनकी जान का दुश्मन बना या इसके पीछे कुछ और है?

सुबह 6 बजे का वो ‘मिस्टीरियस’ फोन कॉल?

सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद के मुताबिक, पार्टी नेताओं और परिवार को सुबह 6 बजे मीडिया और अन्य माध्यमों से पता चला कि प्रतीक को अस्पताल ले जाया गया है. सवाल यह उठ रहा है कि अस्पताल ले जाने से पहले घर पर क्या हुआ था? रात के अंधेरे में अचानक ऐसी क्या स्थिति बनी कि सुबह होते-होते ‘फिटनेस किंग’ ने दम तोड़ दिया?

क्या अखिलेश को किसी पर शक है?(Akhilesh on prateek yadav death)

अखिलेश यादव ने केजीएमयू के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून और परिवार जो कहेगा, हम वही मानेंगे. हम कानूनी रास्ता अपनाएंगे. एक भाई का अपनी ही सरकार (चूंकि अपर्णा यादव बीजेपी में हैं) के दौरान कानूनी रास्ते की बात करना यह बताता है कि उन्हें किसी गहरी साजिश की आशंका है. क्या पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में कुछ ऐसा है जिसे परिवार सार्वजनिक होने से पहले पुख्ता करना चाहता है?

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-भारत एक्सप्रेस



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