Prateek Yadav Cardiac Arrest: समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उनकी मौत के रहस्य से पर्दा उठा दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, मौत की वजह ‘मैसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म’ (फेफड़ों की धमनी में खून का थक्का जमना) और उसके बाद हुआ ‘कार्डियक अरेस्ट’ है.
दरअसल शरीर पर मिलीं 6 चोटों और खून के थक्कों की कहानी ने यह साफ कर दिया है कि मौत अचानक नहीं थी, बल्कि अंदरूनी जटिलताएं कई दिनों से पल रही थीं. लेकिन सवाल यह है कि प्रतीक जैसा युवा, जो अपनी फिटनेस के लिए मशहूर था, उसका दिल महज 38 साल में कैसे दगा दे गया?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का ‘शॉकिंग’ खुलासा(Prateek Yadav Cardiac Arrest)
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, प्रतीक यादव के शरीर में खून का थक्का (Blood Clot) बना था, जो निचले हिस्से से बहकर फेफड़ों और आर्टरी तक पहुंच गया. इससे संक्रमण हुआ और अंततः दिल ने धड़कना बंद कर दिया. रिपोर्ट में शरीर पर 6 चोटों का जिक्र है, जिनमें से कुछ 5-7 दिन पुरानी हैं और कुछ महज एक दिन पुरानी. डॉक्टरों ने मौत का कारण ‘कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स’ बताया है. यह रिपोर्ट उन दावों को पुख्ता करती है कि प्रतीक पिछले कुछ दिनों से शारीरिक रूप से असहज महसूस कर रहे थे.
कार्डियक अरेस्ट के शिकार बन रहे युवक
ज्ञात रहे प्रतीक यादव अकेले नहीं हैं जो इस बीमारी(Prateek Yadav Cardiac Arrest) का शिकार हुए हैं. हाल ही में ‘कांटा लगा’ फेम शेफाली जरीवाला (42) की भी कार्डियक अरेस्ट से मौत ने सबको चौंका दिया. इससे पहले सिद्धार्थ शुक्ला (40), पुनीत राजकुमार (46), और सिद्धांत वीर सूर्यवंशी (46) जैसे फिट दिखने वाले सितारों की मौत ने दुनिया को झकझोर कर रख दिया था.
बता दें कि इन सभी में एक बात समान थी कि ये सभी अपनी फिटनेस के प्रति बेहद सजग थे और नियमित रूप से जिम जाते थे. फिर भी, मौत ने इन्हें जिम के अंदर या वर्कआउट के तुरंत बाद अपना शिकार बनाया.
यह भी पढ़ें: प्रतीक यादव के साथ बेडरूम में रात 2 बजे क्या हुआ? जिम पार्टनर का वो दावा जिसने पलट डाली अस्पताल की थ्योरी
क्या ‘जिम’ और ‘स्ट्रेस’ बन रहे जानलेवा?
विशेषज्ञों के मुताबिक, आज की युवा पीढ़ी ‘अत्यधिक वर्कआउट’ (Over-exercising) और ‘परफेक्ट बॉडी’ के दबाव में है. जिम में भारी वजन उठाना और सप्लीमेंट्स का अनियंत्रित उपयोग दिल पर अत्यधिक दबाव डालता है. प्रतीक यादव के मामले(Prateek Yadav Cardiac Arrest) में भी जिम पार्टनर ने उनके गिरने की बात कही थी.
इसको लेकर एक्सपर्ट्स का मानना है कि ‘साइलेंट किलर’ के रूप में हाई ब्लड प्रेशर, तनाव और कोविड के बाद की जटिलताएं (Post-COVID complications) युवा दिलों को कमजोर कर रही हैं. फिट दिखने का मतलब हमेशा ‘हेल्दी’ होना नहीं होता.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


