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अब बिहार में नहीं गिरेगा कोई पुल! जानें क्या है सम्राट चौधरी सरकार का प्लान? मंत्री शैलेंद्र कुमार ने बताई डिटेल

Bihar Bridge Safety Samrat Choudhary Plan: बिहार में पुलों की सुरक्षा को लेकर सम्राट चौधरी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. अब हर पुल की डिजिटल कुंडली बनेगी. वहीं, विक्रमशिला सेतु पर 25 दिनों में BRO के जरिए बेली ब्रिज बनाकर हल्के वाहनों का परिचालन शुरू होगा. आइये जानें क्या है पूरा प्लान?

Bihar Bridge Safety Samrat Choudhary Digital Monitoring Plan Road Construction Minister Shailendra Kumar

Bihar Bridge Safety Plan: मुंगेर/सुमित कुमार: बिहार में पिछले कुछ समय से पुलों की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सम्राट चौधरी सरकार ने एक बेहद बड़ा और कड़ा फैसला लिया है. राज्य के पुलों को सुरक्षित रखने और उनके समय पर रखरखाव के लिए पथ निर्माण विभाग अब एक्शन मोड में आ गया है. मुंगेर-भागलपुर के विक्रमशिला सेतु में आई तकनीकी खराबी से सबक लेते हुए सरकार ने राज्यभर के पुलों की डिजिटल निगरानी करने का मेगा प्लान तैयार किया है.

मुंगेर के जिला अतिथि गृह में मीडिया और कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान बिहार के पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र कुमार ने इस पूरे मास्टर प्लान की डिटेल साझा की. इस महत्वपूर्ण बैठक और दौरे के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष अरुण कुमार पोद्दार, प्रो. अंजू भारद्वाज, संतोष पोद्दार, चंद्रभानू चंद्रवंशी और मनीष सिन्हा सहित कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे. आइये जानें क्या है पूरा प्लान?

हर पुल की होगी डिजिटल निगरानी (Digital monitoring plan for bridges in Bihar)

मंत्री शैलेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि अब बिहार में किसी भी पुल की सेहत के साथ समझौता नहीं होगा. सरकार हर सेतु की डिजिटल निगरानी करने जा रही है. इसके तहत राज्य के हर एक पुल का एक विस्तृत डेटाबेस (कुंडली) तैयार किया जाएगा. इस डेटा में पुल के निर्माण की तिथि, अब तक हुई मरम्मत, उसका रखरखाव, भार वहन करने की क्षमता, लाइफ टाइम और वर्तमान तकनीकी स्थिति जैसी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल रहेंगी. इससे विभाग के पास हर पुल की लाइव और अद्यतन जानकारी मौजूद रहेगी.

बनेगी स्पेशल इंजीनियर टीम

इस बड़े प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने के लिए पथ निर्माण विभाग में एक स्पेशल इंजीनियर टीम का गठन किया जा रहा है. सरकार प्रमंडलवार (Division-wise) एक-एक वरीय अभियंता (Senior Engineer) को इसकी कमान सौंपने जा रही है. इन अधिकारियों की सीधी जिम्मेदारी अपने क्षेत्र के सभी छोटे-बड़े पुलों की मॉनिटरिंग करने और उनका पूरा डेटा मेंटेन रखने की होगी. किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर सीधे संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी.

गुजरात-महाराष्ट्र मॉडल का अध्ययन करेगी बिहार की टीम

बिहार में पुल निर्माण और तकनीक को विश्वस्तरीय बनाने के लिए नीतीश-सम्राट सरकार अब दूसरे राज्यों के सफल मॉडल्स को अपनाने जा रही है. मंत्री ने बताया कि बिहार के इंजीनियरों और विशेषज्ञों की एक विशेष टीम जल्द ही महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु जैसे राज्यों का दौरा करेगी. यह टीम वहां जाकर पुल निर्माण की आधुनिक कंक्रीट क्युरिंग, एडवांस्ड सेंसर्स और रखरखाव की बेहतरीन तकनीकों का अध्ययन करेगी, जिसके बाद इन आधुनिक पैमानों को बिहार में भी लागू किया जाएगा.

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विक्रमशिला सेतु 25 दिनों में शुरू होगा परिचालन (Vikramshila Setu Bihar)

मुंगेर-भागलपुर के बीच लाइफलाइन माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर मंत्री शैलेंद्र कुमार ने क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत दी है. उन्होंने बताया कि सेतु पर अगले 25 दिनों के भीतर हल्के वाहनों का परिचालन दोबारा शुरू करा दिया जाएगा. इसके लिए बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) की टीम आज यानी 16 मई से ही बेली ब्रिज (Bailey Bridge) के निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर रही है.



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