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NEET UG 2026 पेपर लीक: बायोलॉजी का पेपर लीक करने वाली मनीषा माथरे 14 दिन की CBI रिमांड पर

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई के हाथ ऐसे सुबूत लगे हैं जिसने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है. बच्चों की नोटबुक से खुले इस गहरे राज ने जांच को एक ऐसे मोड़ पर ला खड़ा किया है, जहां अभी कई और बड़े चेहरे बेनकाब होने वाले हैं.

Rouse Avenue Court

Rouse Avenue Court

NEET यूजी 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार मनीषा गुरुनाथ माथरे को राऊज एवेन्यु कोर्ट ने 14 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है. माथरे पर बायोलॉजी का पेपर लीक करने का आरोप है. सीबीआई ने 16 मई को दिल्ली से माथरे को गिरफ्तार किया था. जिसके बाद आज ड्यूटी मजिस्ट्रेट के यहां पेश किया गया, जहां सीबीआई ने 14 दिन की रिमांड की मांग की.

वकीलों की जिरह और सीबीआई का तर्क

हालांकि माथरे के वकील ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि 14 दिन की रिमांड की आवश्यकता नहीं है क्योंकि मनीषा माथरे की गिरफ्तारी अवैध है. वहीं सीबीआई ने रिमांड की मांग करते हुए कहा कि मनीषा माथरे, पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे के साथ मिली हुई थी. तीनों ने मिलकर साजिश रची है. मनीषा ने ही प्रश्नपत्र आरोपी शुभम को दिया था. सीबीआई ने कोर्ट को यह भी बताया कि मामले में जांच पूरे देश में एक साथ चल रही है. सीबीआई ने कोर्ट से कहा कि मनीषा को बाहर ले जाया जा सकता है. लिहाजा 14 दिन के लिए रिमांड पर भेजा जाए. जिसके बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने यह आदेश जारी किया है.

वाघमारे और कुलकर्णी की रिमांड पर पहले की सुनवाई

इससे पहले मनीषा वाघमारे और रिटायर्ड प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को राऊज एवेन्यु कोर्ट ने 10 दिन के लिए सीबीआई रिमांड पर भेज दिया था. सीबीआई के वकील ने कहा था कि जांच चल रही है. जांच अहम मोड़ पर है. लिहाजा 14 दिन के लिए रिमांड पर भेजा जाए. वहीं मनीषा वाघमारे के वकील ने कहा था कि गिरफ्तारी अवैध है. मेरे खिलाफ सबूत नहीं मिला है. मेरी गिरफ्तारी सह आरोपी के बयान के आधार पर की गई है. सीबीआई के पास मेरे खिलाफ सबूत नहीं है. 14 दिन की सीबीआई रिमांड की मांग का विरोध किया था. कहा था 3 दिन से अधिक रिमांड की जरूरत नहीं है. कुलकर्णी को लेकर उन्होंने कहा था कि मुझे नहीं पता कि मेरे सवाल सेलेक्ट किए गए या नहीं. मैंने सवाल सेलेक्ट करके NTA को दिए, NTA को तय करना है कि सवाल लेना है या नहीं.

छात्रों की नोटबुक बनी सबसे बड़ा सबूत

मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट को बताया था कि मनीषा वाघमारे की गिरफ्तारी के बाद कई अहम खुलासे हुए हैं. जांच के दौरान मनीषा पैसे के लेन-देन और आरोपियों के संपर्कों को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी. मनीषा वाघमारे से हुई पूछताछ के बाद रिटायर्ड प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी की भूमिका का पता चला है. मनीषा वाघमारे अपने घर पर छात्रों को नीट की तैयारी करवाती थी. आरोप है कि कुलकर्णी से प्रश्नपत्र मिलने के बाद उसने छात्रों के लिए विशेष क्लास लगाई और संभावित सवालों के साथ उनके सही उत्तर भी बताए.

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जांच में सबसे बड़ा सबूत छात्रों की नोटबुक बनी, जिसमें लिखे कई सवाल हूबहू वही पाए गए जो असली नीट परीक्षा में पूछे गए थे. वहीं सीबीआई ने कुलकर्णी को महाराष्ट्र के लातूर से गिरफ्तार किया है. आरोपी पीवी कुलकर्णी लातूर के दयानंद कॉलेज में केमिस्ट्री का प्रोफेसर था और चार साल पहले सेवानिवृत्त होने के बाद नीट के प्रश्नपत्र तैयार करने वाली कमेटी में था. कुलकर्णी कमेटी का सदस्य होने के कारण अप्रैल के अंतिम सप्ताह में प्रश्नपत्र लग गया और उसके बाद पुणे की मनीषा वाघमारे के सहारे उसने उसे लीक कर दिया. कुलकर्णी सहित कुल 9 लोगों को सीबीआई अभी तक गिरफ्तार कर चुकी है.



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