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‘एक्के नंबर, सब्बो बर…’ एक कॉल पर मिलेगी पुलिस, फायर और मेडिकल; ‘नेक्स्ट जेन’ CG डायल 112 को अमित शाह ने दिखाई हरी झंडी

Amit Shah In Raipur: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर के माना पुलिस परेड ग्राउंड में अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन CG डायल-112 सेवा’ और ‘Science on Wheels’ थीम वाली 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ किया. इस सेवा से पुलिस, फायर और मेडिकल इमरजेंसी को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ा गया है.

Amit Shah Raipur Visit Next Gen CG Dial 112 Van

Amit Shah Raipur Visit: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को एक बड़ा ‘हाई-टेक अपग्रेड’ मिला है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को माना स्थित पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ और ‘मोबाइल फॉरेंसिक वैन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने पुलिस विभाग के इस बड़े आधुनिकीकरण के कदम का स्वागत किया.

‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ (Amit Shah In Raipur)

इस कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कुल 400 आधुनिक डायल-112 वाहनों को रवाना किया. इस नई सेवा की सबसे बड़ी खूबी इसकी थीम— ‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ (एक ही नंबर, सबके लिए) में छिपी है. अब संकट में फंसे किसी भी नागरिक को अलग-अलग नंबर डायल करने की जरूरत नहीं होगी. यह ‘नेक्स्ट जेन’ सेवा पुलिस, फायर ब्रिगेड और मेडिकल इमरजेंसी (एंबुलेंस) तीनों सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ते हुए पलक झपकते त्वरित सहायता उपलब्ध कराएगी.

32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन की ताकत (Amit Shah Next Gen CG Dial 112)

डायल-112 के अलावा, पुलिस की जांच क्षमता को धार देने के लिए 32 ‘मोबाइल फॉरेंसिक वैन’ भी बेड़े में शामिल की गई हैं. इनकी थीम ‘Science on Wheels – Towards Faster Justice’ (पहियों पर विज्ञान – तेज न्याय की ओर) रखी गई है. ये अत्याधुनिक वैन अब सीधे मौका-ए-वारदात (Crime Scene) पर पहुंचेंगी और वहीं पर वैज्ञानिक जांच, सबूतों (साक्ष्य) का सुरक्षित संरक्षण और डिजिटल दस्तावेजीकरण की सुविधा देंगी.

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न्याय व्यवस्था को मिलेगी मजबूती

लंबे समय से अपराध की जांच में होने वाली देरी एक बड़ी चुनौती रही है. लेकिन अब इन 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन के सड़क पर उतरने से न केवल अपराध जांच की गुणवत्ता और गति में भारी सुधार होगा, बल्कि कोर्ट में ‘साक्ष्य आधारित न्याय व्यवस्था’ (Evidence-based Justice System) को भी मजबूत आधार मिलेगा. केंद्रीय गृह मंत्री का यह कदम छत्तीसगढ़ पुलिस को देश की सबसे स्मार्ट पुलिस फोर्स बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है.



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