Jharkhand Naxal surrender: झारखण्ड में रांची के धुर्वा स्थित पुलिस मुख्यालय में गुरुवार (25 मई) को राज्य गठन के बाद से पहली बार 25 से अधिक नक्सलियों ने हथियारों की बड़ी खेप के साथ आत्मसमर्पण किया. भाकपा (माओवादी) के 25 नक्सलियों और उग्रवादी संगठन जेजेएमपी के दो सदस्यों ने राज्य के पुलिस महानिदेशक तदासा मिश्र, सीआरपीएफ के आईजी साकेत सिंह और एडीजी ऑपरेशन मनोज कौशिक समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष सरेंडर किया.
मुख्यधारा में लौटने वाले नक्सलियों का पुलिस मुख्यालय की ओर से पुष्पगुच्छ और शॉल देकर स्वागत किया गया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी पुलिस को सौंपे।
3 लाख के इनामी नक्सली भी शामिल
सरेंडर करने वालों में आठ ऐसे नक्सली शामिल हैं, जिन पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था. इन सभी के खिलाफ कुल 426 मामले दर्ज बताए गए हैं. पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पिछले एक महीने से सारंडा क्षेत्र में सक्रिय दो दर्जन से अधिक नक्सली जंगल से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें सुरक्षा बलों ने सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की.
भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद
आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने पुलिस को आधुनिक हथियार और बड़ी मात्रा में कारतूस सौंपे. बरामद हथियारों में एक लाइट मशीन गन (एलएमजी), पांच इंसास राइफल, नौ एसएलआर राइफल, एक बोल्ट एक्शन राइफल, एक पिस्टल, 31 मैगजीन और करीब 3000 राउंड जिंदा कारतूस शामिल हैं.
डीजीपी ने दिया भरोसा
इस मौके पर पुलिस महानिदेशक तदासा मिश्र ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और उनके परिवारों का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार और पुलिस उनकी मांगों को पूरा करने की दिशा में आगे भी काम करेगी. उन्होंने नक्सल अभियान के दौरान शहीद हुए जवानों के बलिदान को भी याद किया.
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पुनर्वास नीति का असर
एडीजी ऑपरेशन मनोज कौशिक ने कहा कि झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति का सकारात्मक असर अब जमीन पर दिख रहा है. उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का सराहनीय कदम उठाया है. उन्होंने झारखंड पुलिस, झारखंड जगुआर, कोबरा बटालियन और सीआरपीएफ के उन शहीद जवानों को भी नमन किया, जिन्होंने राज्य में शांति बहाली के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया.
-भारत एक्सप्रेस
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