Twisha Sharma CBI Investigation: मध्य प्रदेश की राजधानी को हिलाकर रख देने वाले अभिनेत्री ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में न्याय की आस लगाए बैठे परिवार के लिए एक बड़ी सफलता सामने आई है. मृतका के परिजनों द्वारा लगातार लगाए जा रहे गंभीर आरोपों और सोशल मीडिया से लेकर जमीन तक बढ़ते भारी जनदबाव के आगे झुकते हुए राज्य सरकार ने इस कथित दहेज हत्या मामले की जांच CBI से कराने की सिफारिश केंद्र को भेज दी है.
परिजनों का आरोप है कि स्थानीय स्तर पर इस मामले के गहरे राज और सबूतों को दबाने की पुरजोर कोशिश की जा रही थी. अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की कमान केंद्रीय एजेंसी के हाथों में जाने से कई रसूखदार चेहरों के बेनकाब होने का खतरा बढ़ गया है.
रिटायर्ड जज सास पर रसूख के इस्तेमाल का आरोप
इस पूरे मामले (Twisha Sharma case update) में सबसे बड़ा मोड़ ट्विशा शर्मा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की भूमिका को लेकर आया है. परिजनों का आरोप है कि गिरिबाला सिंह ने अपने पूर्व पद और न्यायिक रसूख का इस्तेमाल कर इस पूरे केस को शुरुआत से ही प्रभावित करने की कोशिश की है. सूत्रों के मुताबिक, मामले को दबाने के लिए कई प्रभावशाली और वीआईपी लोगों को फोन किए गए थे.
परिवार ने मांग की है कि 40 से ज्यादा संदिग्ध मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) को तुरंत सुरक्षित कर उनकी गहन जांच की जाए. सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि 13 मई को, जब मामले में जांच चल रही थी, तब कथित तौर पर घर में लगे सीसीटीवी (CCTV) को इंस्टॉल और री-कॉन्फिगर करने वालों को भी फोन किए गए थे, जो सबूतों से छेड़छाड़ की तरफ इशारा करता है.
कहां फरार है ट्विशा का पति समर्थ?(Twisha Sharma case update)
इस मामले का मुख्य आरोपी और ट्विशा का पति समर्थ सिंह पिछले 10 दिनों से लगातार पुलिस को छका रहा है और फरार चल रहा है. भोपाल पुलिस की कई टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है. पुलिस से बचने के लिए समर्थ ने अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया है, जहां उसने अपनी अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के लिए याचिका दाखिल की है, जिस पर आज ही सुनवाई होनी है.
इधर, प्रशासन ने समर्थ को देश से भागने से रोकने के लिए उसके खिलाफ ‘लुकआउट सर्कुलर’ (Lookout Circular) जारी कर दिया है और उसका पासपोर्ट रद्द करने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. पुलिस ने फरार समर्थ पर 30,000 रुपये का नकद इनाम भी घोषित किया है.
सास गिरिबाला सिंह को मिली जमानत
इस संवेदनशील मामले (Twisha Sharma case update) में जहां एक तरफ मुख्य आरोपी पति फरार है, वहीं दूसरी तरफ उसकी मां और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को बड़ी राहत मिली हुई है. भोपाल जिला अदालत ने पहले ही गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दे दी थी, जिसके बाद वे जेल जाने से बच गईं.
निचली अदालत के इस फैसले से असंतुष्ट और आक्रोशित ट्विशा शर्मा का परिवार अब इस जमानत को रद्द कराने के लिए जबलपुर हाईकोर्ट का रुख करने की पूरी तैयारी कर चुका है. परिजनों का कहना है कि अगर रसूखदार आरोपी बाहर रहे, तो वे गवाहों और सबूतों को डरा-धमका कर केस को पूरी तरह बर्बाद कर देंगे.
रसूख के चक्रव्यूह को तोड़ेगी सीबीआई की एंट्री
भोपाल की पुलिसिया जांच पर लगातार उठते सवालों के बीच अब सीबीआई की एंट्री इस केस का रुख पूरी तरह पलटने वाली मानी जा रही है. कानूनी जानकारों के मुताबिक, एक पूर्व जज के परिवार से जुड़े होने के कारण स्थानीय पुलिस पर कई तरह के परोक्ष दबाव थे, लेकिन केंद्रीय जांच एजेंसी के आने के बाद अब घर के भीतर की फॉरेंसिक जांच, डिजिटल सबूतों की रिकवरी और गायब कड़ियों को निष्पक्षता से जोड़ा जा सकेगा. अब देश की निगाहें आज होने वाली समर्थ की अग्रिम जमानत याचिका पर आने वाले हाईकोर्ट के फैसले और सीबीआई द्वारा केस की फाइल अपने हाथ में लेने के अगले कदम पर टिकी हुई हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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