रविशंकर शर्मा/बिहार
Snake Bite Death Begusarai: बिहार के सदर अस्पताल (Begusarai Sadar Hospital) की बड़ी लापरवाही के कारण सर्पदंश से मृत 22 वर्षीय युवक के शव को ले जाने के लिए गरीब परिवार को सरकारी एंबुलेंस तक नहीं मिली. घंटों अस्पताल में भटकने के बाद, परिजनों को ₹2500 का कर्ज लेकर प्राइवेट वाहन से शव को घर ले जाना पड़ा.
बलिया थाना क्षेत्र के भवानंदपुर गांव के 22 वर्षीय रामजी शर्मा की रात में सांप काटने से मौत हो गई. परिजन पहले झाड़-फूंक में उलझे रहे, बाद में हालत बिगड़ने पर बेगूसराय सदर अस्पताल लाए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पोस्टमार्टम के बाद शव को घर ले जाने के लिए अस्पताल से कोई सरकारी एंबुलेंस नहीं मिला. जिसके बाद मजबूरन गरीब परिवार ने ₹2500 का कर्ज लेकर प्राइवेट गाड़ी करनी पड़ी.
तीन घंटे तक झाड़-फूंक के कारण मौत
यह दर्दनाक मामला बलिया थाना क्षेत्र के भवानंदपुर गांव का है. यहां बौनु शर्मा का 22 वर्षीय बेटा रामजी शर्मा रात में पत्नी-बच्चों के साथ चारपाई पर सोया था, तभी सांप ने उसे डस लिया. अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन उसे ओझा के पास ले गए, जहां करीब तीन घंटे तक झाड़-फूंक चलती रही और उसकी हालत बिगड़ती चली गई.
डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित
आखिरकार परिजन उसे बलिया PHC ले गए, जहां से उसे बेगूसराय सदर अस्पताल रेफर किया गया. लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया. मृतक अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चे छोड़ गया है.
स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा दाग
असली संघर्ष पोस्टमार्टम के बाद शुरू हुआ. शव को गांव ले जाने के लिए कोई सरकारी सहायता नहीं मिली. परिजनों का आरोप है कि सरकारी दावे सिर्फ कागजों तक सीमित हैं और जमीन पर गरीबों को दर-दर भटकना पड़ता है. पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा दाग लगा दिया है (Government Ambulance Negligence).
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-भारत एक्सप्रेस
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