Bangladesh News
Bangladesh News: दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर पुलिस थाना क्षेत्र से तीन बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने और राज्य में रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. इनमें से एक बांग्लादेशी महिला ने सनसनीखेज दावा किया है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक स्थानीय पंचायत सदस्य ने आधार कार्ड बनवाने का वादा करके उनसे पैसे लिए थे.
पुलिसकर्मियों ने इलाके में छापा मारा
एक गुप्त सूत्र से मिली सूचना के बाद बारुईपुर पुलिस थाना के मल्लिकपुर चौकी के पुलिसकर्मियों ने इलाके में छापा मारा. इस छापेमारी के दौरान एक बांग्लादेशी दंपति को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान शफीकुल इस्लाम मोल्लाह और उनकी पत्नी मोनिरा बेगम के रूप में हुई है.
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि उनका घर बांग्लादेश के जेस्सोर जिले के मनीरामपुर पुलिस थाना क्षेत्र के नेंगुर बाजार डाकघर के अंतर्गत चालुहाटी गांव में है.
अवैध रूप से भारत-बांग्लादेश सीमा पार कर गए
जांचकर्ताओं का दावा है कि दंपति दलालों के एक गिरोह के जरिए अवैध रूप से भारत-बांग्लादेश सीमा पार कर गए थे. सीमा पार करने के बाद वे दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत मल्लिकपुर इलाके में बस गए.
पुलिस ने इस बात की विस्तृत जांच शुरू कर दी है कि वे स्थानीय स्तर पर कैसे रह रहे थे, वे कहां काम करते थे और कितने समय से इस इलाके में रह रहे थे.
स्थायी रूप से बसने की कर रहे कोशिश
पुलिस ने बताया कि सीमा पार करके भारत में प्रवेश करने के बाद वे कुछ स्थानीय लोगों की मदद से इस इलाके में स्थायी रूप से बसने की कोशिश कर रहे थे. जांचकर्ताओं को संदेह है कि वे भारतीय पहचान पत्र प्राप्त करने का भी प्रयास कर रहे थे.
गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि भारत में प्रवेश करने का उनका उद्देश्य, दलालों के नेटवर्क की भूमिका और उनके स्थानीय संपर्कों का पता लगाया जा सके.
मोनिरा बेगम के आरोपों पर नया मोड़
हालांकि, मोनिरा बेगम के आरोपों ने इस घटना को एक नया मोड़ दे दिया है. पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पहचान पत्र बनवाने के लिए एक स्थानीय जन प्रतिनिधि से संपर्क किया था.
मोनिरा बेगम ने आरोप लगाया है कि बरुईपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के मल्लिकपुर ग्राम पंचायत के तृणमूल कांग्रेस सदस्य शाहजहां सरदार ने उनसे आधार कार्ड बनवाने का आश्वासन देकर 5,000 रुपए लिए थे. उन्होंने बताया कि स्थानीय निवास के लिए पहचान पत्र आवश्यक थे और इसी उद्देश्य से वे उनके पास गई थीं.
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आरोप है कि शाहजहां सरदार ने आधार कार्ड बनवाने का वादा करके पैसे तो ले लिए, लेकिन बाद में कोई काम नहीं किया. मोनिरा बेगम ने दावा किया कि कई बार संपर्क करने के बावजूद उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला.
-भारत एक्सप्रेस
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