भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच के कूटनीतिक और रणनीतिक रिश्ते अब एक बिल्कुल नए और बेहद मजबूत दौर में प्रवेश कर चुके हैं. ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने वहां की संसद को संबोधित करते हुए भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कुछ ऐसी दिल छू लेने वाली बातें कही हैं, जिसने दोनों देशों के लोगों का दिल जीत लिया है.
अल्बनीज ने भारत दौरे को अपने राजनीतिक जीवन के सबसे खास और अद्भुत अनुभवों में से एक बताया. इसके साथ ही उन्होंने पूरी दुनिया को एक बड़ा संकेत देते हुए एलान किया कि वे बहुत जल्द ऑस्ट्रेलिया की धरती पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार और उत्साहित हैं.
1991 में एक आम घुमंतू की तरह आए थे अल्बनीज
ऑस्ट्रेलियाई संसद में दिए इस ऐतिहासिक भाषण को भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ओएएम ने सोशल मीडिया पर साझा किया है. अल्बनीज ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए एक बेहद मजेदार खुलासा किया कि बतौर प्रधानमंत्री भारत की दो यात्राएं करना उनके लिए सम्मान की बात तो है ही, लेकिन भारत से उनका नाता काफी पुराना है.
उन्होंने बताया कि वे पहली बार साल 1991 में एक आम ‘बैकपैकर’ (घुमंतू) के रूप में भारत घूमने आए थे. अल्बनीज ने मुस्कुराते हुए कहा कि अगर आप भारत को सच में देखना और समझना चाहते हैं, तो वहां की बसों और ट्रेनों में सफर कीजिए. वहां के लोगों की गर्मजोशी, अपनापन और संस्कृति को इतने करीब से देखना एक अद्भुत और कभी न भूलने वाला अनुभव है.
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10 लाख भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय की जमकर तारीफ
प्रधानमंत्री अल्बनीज ने ऑस्ट्रेलिया के विकास में वहां बसे लगभग दस लाख भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई प्रवासी समुदाय के अभूतपूर्व योगदान की खुलकर सराहना की. उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय आज ऑस्ट्रेलिया का सबसे तेजी से बढ़ता प्रवासी परिवार है, जिसने अपनी कड़ी मेहनत, उदारता और देश के प्रति वफादारी से ऑस्ट्रेलिया को बहुत कुछ दिया है. भारतीयों की आकांक्षाओं और लगन ने ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती दी है और वहां के समाज को और ज्यादा समृद्ध व जीवंत बना दिया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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