PM Modi Government 12 Years: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूरे हो रहे हैं. इस ऐतिहासिक कार्यकाल के दौरान सरकार की नीतियों के केंद्र में हमेशा देश की ‘नारी शक्ति’ रही है. पीएम मोदी के मार्गदर्शन में शुरू की गई विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं देश की महिलाओं के लिए वास्तविक गेमचेंजर साबित हुई हैं. इन योजनाओं ने महिलाओं को न सिर्फ सामाजिक सम्मान दिया है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से भी आत्मनिर्भर बनाया है. हाल ही में, प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से उन सशक्त बहनों और लाभार्थियों के कई प्रेरक वीडियो भी शेयर किए हैं, जिन्होंने इन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने जीवन की कहानी को पूरी तरह बदल दिया है.
घर के मालिकाना हक से लेकर धुएं से मुक्ति तक
महिला सशक्तिकरण की दिशा में मोदी सरकार ने जमीन पर कई मील के पत्थर स्थापित किए हैं. प्रमुख योजनाओं की बात करें तो ‘पीएम आवास योजना’ के तहत देश के करोड़ों परिवारों को पक्के मकान दिए गए हैं, जिनमें से अधिकांश घरों का स्वामित्व (रजिस्ट्री) महिलाओं के नाम पर की गई है. इसने ग्रामीण महिलाओं को एक नई सामाजिक गरिमा और सुरक्षा प्रदान की है. इसी तरह, ‘पीएम उज्ज्वला योजना’ के जरिए करोड़ों ग्रामीण और गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस सिलेंडर का कनेक्शन देकर धुएं से हमेशा के लिए मुक्ति दिलाई गई है, जिससे उनके स्वास्थ्य और जीवन स्तर में एक बड़ा और क्रांतिकारी सुधार आया है.
आर्थिक आजादी और स्वरोजगार की नई उड़ान
महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए सरकार ने व्यापार के रास्ते भी आसान किए हैं. ‘पीएम मुद्रा योजना’ के तहत बिना किसी गारंटी के लोन की सुविधा मिलने से देश की लाखों महिलाओं ने खुद के छोटे और बड़े व्यवसाय शुरू किए हैं. मुद्रा योजना के कुल लाभार्थियों में से लगभग 70 प्रतिशत महिलाएं हैं. इसके साथ ही, ‘लखपति दीदी योजना’ अभियान के जरिए स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी करोड़ों महिलाओं को तकनीकी और वित्तीय रूप से प्रशिक्षित कर आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है. बेटियों के सुरक्षित भविष्य और उनकी उच्च शिक्षा के लिए शुरू की गई ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ आज देश के करोड़ों मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा (वरदान) साबित हुई है.
राजनीतिक रूप से सशक्त हुई देश की नारी शक्ति
मोदी सरकार ने महिलाओं को केवल आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि देश की नीतियों को तय करने वाली मुख्यधारा में लाने का भी ऐतिहासिक काम किया है. सरकार द्वारा पारित किया गया ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिला सशक्तिकरण के इतिहास में सबसे बड़ा कदम है. इस ऐतिहासिक कानून के तहत संसद और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था की गई है. बीते 12 वर्षों में जमीनी स्तर से लेकर देश की संसद तक महिलाओं की बढ़ती भागीदारी यह साफ दर्शाती है कि मोदी सरकार का ‘महिला विकास’ (Women-led Development) का संकल्प अब पूरी तरह से सिद्ध हो रहा है.
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