Cybercrime India: आजकल ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. कभी फर्जी कॉल, कभी मैसेज या फिर OTP के जरिए लोग ठगे जा रहे हैं. ऐसे में जरा सी लापरवाही आपको बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है. खासकर नया SIM लेते समय अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा करना खतरनाक साबित हो सकता है.
नया सिम लेते समय सावधानी
नया SIM लेने के दौरान अगर आप अपना OTP या थंब इम्प्रेशन किसी को बता देते हैं, तो साइबर अपराधी इसका गलत फायदा उठा सकते हैं. वे आपके नाम से फर्जी सिम कार्ड निकलवा सकते हैं और आपके बैंक खाते तक पहुंच बना सकते हैं. यही नहीं, आपकी पहचान का इस्तेमाल किसी बड़े अपराध में भी किया जा सकता है.
OTP और बायोमेट्रिक का सही इस्तेमाल
दुकानदार या किसी अन्य व्यक्ति को कभी भी OTP न बताएं, चाहे वह खुद को कंपनी का कर्मचारी ही क्यों न बताए. अंगूठे का निशान केवल मशीन पर ही लगाएं और यह सुनिश्चित करें कि वह सिर्फ एक बार के लिए ही दर्ज हो.
TAFCOP पोर्टल का उपयोग
अपने नाम पर कितने SIM चल रहे हैं, यह जानने के लिए tafcop.sancharsaathi.gov.in पोर्टल पर जाकर जांच करें. इससे आप फर्जी सिम कार्ड की पहचान कर पाएंगे.
संदिग्ध गतिविधियों पर नजर
अगर अचानक आपका सिम बंद हो जाए, तो तुरंत बैंक को सूचित करें. यह सिम स्वैपिंग का संकेत हो सकता है.
ये भी पढ़ें-झारखंड में मानसून का कहर, वज्रपात से 8 की मौत, येलो अलर्ट जारी
धोखाधड़ी होने पर कदम
अगर कभी आप साइबर ठगी का शिकार हो जाएं, तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें. समय पर की गई कार्रवाई से नुकसान कम किया जा सकता है.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

