YOGA DAY 2026 (AI Image)
UP YOGA MISSION: 12वें योग दिवस (21 जून 2026) को लेकर उत्तर प्रदेश में भी तैयारियां जोरों पर हैं. ‘हेल्थ और वेलनेस’ के संकल्प के साथ इस साल उत्तर प्रदेश सरकार एक व्यापक कैंपेन चला रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश पर योग दिवस को गांव की पंचायतों से लेकर शहरों के बड़े पार्कों और ऐतिहासिक स्थलों तक प्रमोट किया जा रहा है.
सीएम योगी आदित्यनाथ भी कर सकते हैं योग?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस साल राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित ‘राजभवन’ या ‘राजधानी के मुख्य आयोजन स्थल’ पर मंत्रियों, अधिकारियों और आम नागरिकों के साथ सामूहिक योग सत्र का नेतृत्व कर सकते हैं. इसके अलावा, उनके अपने गृह जनपद और आस्था के बड़े केंद्र ‘गोरखनाथ मंदिर’ (गोरखपुर) में भी योग सत्र की रूपरेखा तैयार की गई है, जहां मुख्यमंत्री के वीडियो संदेश के जरिए हजारों की संख्या में साधक एक साथ योग करेंगे.
उत्तर प्रदेश में कहां-कहां हैं योग के बड़े सेंटर?
उत्तर प्रदेश आध्यात्मिक और योगिक संस्कृति का प्राचीन केंद्र रहा है. राज्य में योग के कई ऐसे बड़े और विश्वप्रसिद्ध केंद्र हैं, जहां कल रिकॉर्ड संख्या में लोग एकजुट होंगे:
- वाराणसी (काशी): काशी के अर्धचंद्राकार गंगा घाटों, विशेष रूप से दशाश्वमेध घाट और नमो घाट पर सूर्योदय के समय ‘गंगा योग’ का बेहद विहंगम दृश्य देखने को मिलेगा. इसके अलावा ‘स्वर्वेद महामंदिर’ में भी हजारों लोग एक साथ ध्यान लगाएंगे.
- ऋषिकेश-हरिद्वार से सटा पश्चिमी यूपी और पतंजलि योगपीठ: सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और बागपत जैसे इलाकों में पतंजलि और अन्य योग संस्थाओं के बड़े केंद्र सक्रिय हैं.
- प्रयागराज: त्रिवेणी संगम के विशाल तट पर हर साल की तरह इस बार भी सुरक्षा बलों और आम नागरिकों का एक बड़ा योग शिविर सजेगा.
- अयोध्या: राम की पैड़ी और सरयू नदी के तट पर भव्य योग सत्र का आयोजन किया जा रहा है.
- लखनऊ: राजधानी का जनेश्वर मिश्र पार्क और केडी सिंह बाबू स्टेडियम योग दिवस के मुख्य जिला स्तरीय केंद्र होंगे.
सरकार योग को कैसे कर रही है प्रमोट?
- उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य का आयुष विभाग केवल योग दिवस के दिन ही नहीं, बल्कि साल भर योग को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण नीतियों पर काम कर रहा है:
- ‘योग वेलनेस सेंटर’ की स्थापना: राज्य के सभी जिलों में सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के स्तर पर ‘आयुष योग वेलनेस सेंटर’ खोले गए हैं, जहां लोगों को मुफ्त में योग की ट्रेनिंग दी जाती है.
- स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल: प्रदेश के प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षण संस्थानों में योग को शारीरिक शिक्षा के अनिवार्य हिस्से के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है.
- डिजिटल और सोशल मीडिया कैंपेन: आयुष मंत्रालय के सहयोग से ‘माई लाइफ, माई योग’ जैसे डिजिटल अभियानों के जरिए युवाओं और कामकाजी लोगों को घर बैठे या दफ्तर में ‘ब्रेक योग’ (Y-Break) करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है.
ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच: इस साल सरकार ने ‘हर आंगन योग’ के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रदेश की हजारों ग्राम पंचायतों और अमृत सरोवरों के किनारे योग सत्र आयोजित करने का लक्ष्य रखा है, ताकि ग्रामीण आबादी भी इस स्वस्थ जीवन शैली से सीधे जुड़ सके.
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-भारत एक्सप्रेस
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