PM Modi West Bengal Visit: पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हुगली जिले के तारकेश्वर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में भाग लिया. इस वर्ष समारोह की थीम “पश्चिम बंगाल: विरासत, सद्भाव और विकास” रखी गई थी, जो राज्य की सांस्कृतिक समृद्धि, सामाजिक एकता और विकास की आकांक्षाओं को दर्शाती है. तारकेश्वर का चयन भी विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह स्थान डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की स्मृतियों से जुड़ा हुआ है.
विकास परियोजनाओं की सौगात
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर रेलवे, कृषि, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन और पशुपालन से जुड़ी अनेक परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पण किया. इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य में आधारभूत ढांचे को मजबूत करना, किसानों और मछुआरों की आय बढ़ाना तथा रोजगार के नए अवसर पैदा करना है.
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने पीएम-किसान योजना की 23वीं किस्त भी जारी की. इस किस्त के तहत देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में लगभग 18,880 करोड़ रुपये सीधे भेजे गए.
पश्चिम बंगाल के गौरवशाली इतिहास का स्मरण
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उन महान लोगों के योगदान को याद करने का अवसर है जिन्होंने राज्य की संस्कृति, पहचान और भारत की एकता को बनाए रखने के लिए संघर्ष किया.
उन्होंने विशेष रूप से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी और कहा कि विभाजन के कठिन दौर में उन्होंने बंगाल के एक हिस्से को भारत में बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि रवीन्द्रनाथ ठाकुर, बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय, स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और ईश्वरचंद्र विद्यासागर जैसी महान विभूतियों की विरासत आज भी देश को प्रेरणा देती है.
नई सरकार और विकास की गति
प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल ही में बनी नई सरकार राज्य के विकास को नई दिशा देने के लिए तेजी से काम कर रही है. वर्षों से लंबित परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है और जनता से किए गए वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि रेलवे, सड़क, कृषि और मत्स्य क्षेत्र की कई परियोजनाओं से ग्रामीण इलाकों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी, आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे.
किसानों के लिए नई पहल
प्रधानमंत्री ने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं. उन्होंने बताया कि अब पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की जा रही है, जिससे किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और फसल नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा मिलेगी.
इसके अलावा राज्य को डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन से जोड़ा जा रहा है, जिसके तहत किसान रजिस्ट्री, डिजिटल भूमि रिकॉर्ड और कृषि सेवाओं का लाभ अधिक पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा.
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत पुरुलिया, दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार और झारग्राम जिलों को विशेष सहायता दी जाएगी, जिससे कृषि उत्पादन, भंडारण क्षमता और किसानों की ऋण सुविधा में सुधार होगा.
जनकल्याण योजनाओं का विस्तार
प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है. उन्होंने घोषणा की कि राज्य के सभी पात्र गरीब परिवारों को अब आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलेगा.
इसके अलावा-
- महिलाओं के लिए निःशुल्क बस यात्रा सुविधा लागू की जा रही है.
- जल जीवन मिशन के तहत घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का काम तेज किया गया है.
- सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में राहत दी गई है.
- जनकल्याण योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंचेगा.
रेलवे और बुनियादी ढांचे पर जोर
प्रधानमंत्री ने बताया कि कोलकाता मेट्रो की ऑरेंज लाइन के चिंगरीघाटा खंड का कार्य पूरा करने, हावड़ा में नए रेलवे अस्पताल की स्थापना, पूर्व मेदिनीपुर में सड़क ओवरब्रिज और संक्रैल-संतरागाछी रेल संपर्क परियोजना जैसे कार्यों को गति दी जा रही है.
उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं राज्य में आधुनिक परिवहन व्यवस्था और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का आधार बनेंगी.
मत्स्य पालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था में मत्स्य क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने दक्षिण 24 परगना के फ्रेजरगंज फिशिंग हार्बर के विस्तार और बीरभूम में आधुनिक मछली बाजार के निर्माण को बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि इससे मछुआरों की आय बढ़ेगी और मत्स्य उद्योग को नई ताकत मिलेगी.
विकसित भारत में पूर्वी भारत की भूमिका
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए पूर्वी भारत का विकास अत्यंत आवश्यक है. पूर्वोदय पहल के तहत पश्चिम बंगाल को विशेष महत्व दिया जा रहा है क्योंकि यह राज्य सांस्कृतिक, बौद्धिक और आर्थिक दृष्टि से देश की प्रगति का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है.
उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव, शांति और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी उतना ही जरूरी है.
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अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल के लोगों से राज्य के गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर विकास की नई यात्रा में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया. उन्होंने विश्वास जताया कि स्वामी विवेकानंद और श्री अरविंद की भूमि पश्चिम बंगाल एक बार फिर भारत के विकास और विश्व कल्याण की दिशा में अग्रणी भूमिका निभाएगा. साथ ही उन्होंने लोगों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में उत्साहपूर्वक भाग लेने का निमंत्रण भी दिया.
-भारत एक्सप्रेस
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