Bharat Express DD Free Dish

बदलेगा झुग्गियों का चेहरा: विकास कार्यों के लिए दिल्ली सरकार खर्च करेगी 441 करोड़ रुपये, सीएम रेखा गुप्ता का ऐलान

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने झुग्गी बस्तियों के कायाकल्प के लिए 441 करोड़ रुपये के बजट का एलान किया है. इसके तहत दिल्ली के कई जेजे क्लस्टर्स में 1,510 विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें सड़क, पानी, सीवर और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाएं शामिल हैं.

Delhi Govt To Spend Rs 441 Crore On Slum Development CM Rekha Gupta

Delhi Slum Development: दिल्ली की झुग्गी-झोपड़ियों यानी JJ Clusters में रहने वाले लाखों लोगों के लिए एक बहुत अच्छी और बड़ी खबर है. दिल्ली सरकार इन बस्तियों में रहने वाले परिवारों का जीवन स्तर सुधारने के लिए एक महा-योजना पर काम कर रही है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एलान किया है कि दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) के जरिए झुग्गी बस्तियों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 441.10 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि इस बजट का एकमात्र मकसद झुग्गी के निवासियों को एक सुरक्षित, साफ-सुथरा और बेहतर माहौल देना है ताकि वे भी सम्मान से जी सकें.

दो सालों में 1,500 से ज्यादा विकास कार्यों को हरी झंडी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2025-26 और 2026-27 के दौरान कुल 1,510 विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है. इनमें से साल 2025-26 में 379.80 करोड़ रुपये की लागत से 1,253 काम मंजूर हुए, जबकि साल 2026-27 में अब तक 61.30 करोड़ रुपये के 257 कार्यों को हरी झंडी मिल चुकी है.

इन पैसों से झुग्गियों में सामुदायिक शौचालयों और बारात घरों की मरम्मत होगी, पीने के साफ पानी और सीवर की लाइनें बिछाई जाएंगी, गलियों व अंदरूनी सड़कों को पक्का किया जाएगा और स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त की जाएंगी. इसके अलावा जल निकासी के लिए नालियों को ठीक करने और बस्तियों के सौंदर्यीकरण का काम भी तेजी से चल रहा है.

नरेला से संगम विहार तक होगा कायाकल्प

मुख्यमंत्री ने बताया कि नरेला, बवाना, जहांगीरपुरी, तिमारपुर, आदर्श नगर, रोहिणी, सीमापुरी, शाहदरा, त्रिलोकपुरी, करावल नगर, संगम विहार, द्वारका और नजफगढ़ जैसे इलाकों की झुग्गियों में इन कामों को प्राथमिकता दी जा रही है. बुनियादी ढांचे के साथ-साथ सरकार गरीबों के पेट की चिंता भी कर रही है. इसी के तहत कई इलाकों में ‘अटल कैंटीन’ शुरू की जा रही हैं, जहां बेहद सस्ती दरों पर लोगों को पौष्टिक और भरपेट भोजन मिलेगा.

ये भी पढ़ें: अमेरिकी नागरिकता छोड़ भारत लौटीं 94 वर्षीय महालक्ष्मम्मा, बोलीं- ‘अपनी मिट्टी में ही लेनी है आखिरी सांस’

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read