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Dausa: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मौत का तांडव, ट्रक से टक्कर के बाद धूं-धूं कर जली बस; 8 की मौत

राजस्थान के दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बस और ट्रक की भीषण टक्कर के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई. हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, 22 यात्री गंभीर रूप से घायल हैं, जबकि आग लगने के कारणों की जांच जारी है…

Dausa Road Accident: राजस्थान के दौसा जिले से आज सुबह-सुबह (1 जुलाई 2026) एक ऐसी रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कोलवा थाना क्षेत्र के द्वारापुरा गांव के पास एक यात्रियों से भरी बस और ट्रक के बीच इतनी भीषण भिड़ंत हुई कि दोनों वाहन देखते ही देखते आग का गोला बन गए. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस के परखच्चे उड़ गए और चंद मिनटों में चारों तरफ सिर्फ आग की लपटें और बेबस यात्रियों की चीख-पुकार गूंजने लगी.

इस दिल दहला देने वाले हादसे में अब तक 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जिनमें से पांच लोग इतनी बुरी तरह जल गए हैं कि उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो रहा है. वहीं 22 यात्री गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें बचाने के लिए डॉक्टर लगातार संघर्ष कर रहे हैं. प्रशासन को आशंका है कि मलबे की पूरी जांच होने तक मृतकों का यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है.

डिक्की में छिपा सिगरेट के बॉक्सों का रहस्य

प्रारंभिक जांच से जो जानकारी छनकर सामने आ रही है, उसके मुताबिक यह बदकिस्मत बस उत्तराखंड के पावन तीर्थ हरिद्वार से मध्य प्रदेश के इंदौर शहर की तरफ जा रही थी. बस में ड्राइवर और कंडक्टर को मिलाकर कुल 39 लोग सवार थे, जिनमें से ज्यादातर यात्री मध्य प्रदेश के ही रहने वाले थे जो बाबा भोलेनाथ के दर्शन कर वापस लौट रहे थे. इस खूनी हादसे में एक और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब जांच टीम को दुर्घटनाग्रस्त बस की डिक्की से भारी मात्रा में सिगरेट के बॉक्स बरामद हुए.

हालांकि, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक तौर पर यह साफ नहीं किया है कि बस में इतनी तेजी से आग भड़कने और उसे रोकने का मौका न मिलने में इन सिगरेट के बॉक्सों की कोई भूमिका थी या नहीं, लेकिन इस ऐंगल ने पुलिस की तफ्तीश को एक नया मोड़ जरूर दे दिया है.

घायलों को बचाने के लिए चलाया ऑपरेशन

हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जैसे ही जिला प्रशासन को इसकी सूचना मिली, पूरे महकमे में हड़कंप मच गया. पुलिस, दमकल विभाग और चिकित्सा टीमों ने बिना एक पल गंवाए मौके पर मोर्चा संभाला. झुलसे हुए और तड़पते यात्रियों को बिना किसी देरी के अस्पताल पहुंचाने के लिए प्रशासन ने एक्सप्रेसवे से लेकर दौसा जिला अस्पताल तक एक विशेष ‘ग्रीन कॉरिडोर’ तैयार किया. इस कॉरिडोर की मदद से एंबुलेंस बिना किसी ट्रैफिक और बाधा के सीधे अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड तक पहुंच सकीं, जिससे कई जिंदगी को समय रहते वेंटिलेटर और जरूरी इलाज मिल सका. गंभीर रूप से घायल यात्रियों को जयपुर रेफर करने की तैयारी भी की जा रही है.

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हाईवे पर घंटों लगा रहा महाजाम

इस भीषण अग्निकांड के बाद दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के इस हिस्से पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया और गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं. मौके की गंभीरता को देखते हुए दौसा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पीयूष दीक्षित खुद ग्राउंड जीरो पर मौजूद रहे और अपनी देखरेख में रेस्क्यू ऑपरेशन चलवाया. उनके साथ जिला कलेक्टर सौम्या झा ने भी घटनास्थल का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा की.

अस्पताल में किसी भी तरह की अफरा-तफरी को रोकने और पीड़ितों के परिजनों की मदद के लिए एएसपी योगेंद्र फौजदार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों वाहनों में लगी आग पर काबू पाया, जिसके बाद क्रेन की मदद से मलबे को हटाकर एक्सप्रेसवे पर यातायात को दोबारा सुचारू किया जा सका.

-भारत एक्सप्रेस



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