स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के मुहाने से इस समय दुनिया को दहला देने वाली सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय खबर (Iran Attacked UAE Oil Tanker) सामने आ रही है, जिसने पूरी दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है. अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा खूनी खेल अब पूरी तरह से बेकाबू हो चुका है. ताजा अपडेट यह है कि ईरान ने जलडमरूमध्य में दो बड़े तेल टैंकरों पर भीषण मिसाइल हमला बोल दिया है.
इस कयामत के हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की दर्दनाक मौत ( Indian Sailor Killed) हो गई है, जबकि आठ अन्य नाविक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. घायलों में छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं, जिनमें से चार की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है. दो दिन पहले भी इसी इलाके में एक भारतीय जहाज को निशाना बनाया गया था. इस ताजा खूनखराबे के बाद भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सेना को ईरान को मटियामेट करने का खुला आदेश दे दिया है.
समंदर में ईरानी क्रूज मिसाइलों का तांडव(Iran Attacked UAE Oil Tanker)
यूएई के रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक इनपुट्स के मुताबिक, यह खूनी हमला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ओमान के नियंत्रण वाले दक्षिणी हिस्से में हुआ. ईरान की नौसेना ने यूएई के दो विशाल राष्ट्रीय तेल टैंकरों ‘मोम्बासा’ और ‘अल बहियाह’ को निशाना बनाकर दो बेहद खतरनाक क्रूज मिसाइलें दाग दीं. मिसाइल लगते ही दोनों तेल टैंकरों में कान फोड़ देने वाले धमाके हुए और आसमान छूती आग की लपटें उठने लगीं. इन टैंकरों पर भारतीय नाविक तैनात थे. इस हमले में ‘मोम्बासा’ पर तैनात एक भारतीय क्रू मेंबर की मौके पर ही मौत हो गई.
हालांकि, बाद में कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और क्षतिग्रस्त जहाजों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया, लेकिन यूएई ने साफ कर दिया है कि वह अपने समुद्री हितों की रक्षा के लिए इस हमले का बेहद क्रूर जवाब देने का पूरा अधिकार रखता है.
बौखलाए डोनाल्ड ट्रंप का सबसे बड़ा एक्शन
समंदर में यूएई के जहाजों पर हुए इस हमले और भारतीय नाविक की मौत के बाद व्हाइट हाउस से लेकर पेंटागन तक हड़कंप मच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे निर्देश पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बिना एक पल गंवाए ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी जवाबी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है. अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने मिलकर ईरान के मुख्य सैन्य अड्डों बंदर अब्बास, किश द्वीप, केश्म और अबू मूसा द्वीप पर ताबड़तोड़ बमबारी कर दी है.
इन सभी इलाकों में एक के बाद एक हुए दर्जनों जोरदार विस्फोटों से पूरा ईरान दहल उठा है. ट्रंप ने पहले ही एक रेडियो इंटरव्यू में साफ चेतावनी दे दी थी कि अगर ईरान ने अपनी हदें पार कीं, तो अमेरिका उस पर ऐसा हमला करेगा जो इतिहास में कभी नहीं देखा गया होगा.
ईरान की पूर्ण नौसैनिक घेराबंदी(Indian Sailor Killed in iran attack)
अमेरिका केवल बमबारी तक ही सीमित नहीं रहने वाला है, बल्कि उसने ईरान की आर्थिक रीढ़ की हड्डी को हमेशा के लिए तोड़ने का पूरा चक्रव्यूह तैयार कर लिया है. पेंटागन ने एलान किया है कि वह आज यानी मंगलवार शाम को अमेरिकी समयानुसार ईरान के सभी बंदरगाहों की पूर्ण नौसैनिक घेराबंदी (Naval Blockade) शुरू करने जा रहा है.
इसका सीधा मतलब यह है कि आज शाम के बाद से ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले किसी भी कमर्शियल या तेल टैंकर जहाज को अमेरिकी नौसेना समंदर में ही ब्लॉक कर देगी या उसे जब्त कर लेगी. इस घेराबंदी के लागू होते ही वैश्विक तेल बाजार में हाहाकार मचना तय माना जा रहा है.
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होर्मुज बना दुनिया का सबसे बड़ा डेथ जोन
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इस समय पूरी दुनिया के जहाजों के लिए एक खौफनाक डेथ जोन में तब्दील हो चुका है. गौरतलब है कि महज दो दिन पहले भी भारतीय नाविकों से भरे एक अन्य मालवाहक जहाज पर ऐसा ही आत्मघाती हमला (Iran Attacked UAE Oil Tanker) हुआ था, जिसमें एक भारतीय नाविक लापता हो गया था और अपनी जान बचाने के लिए 10 अन्य नाविकों को उफनते समंदर में छलांग लगानी पड़ी थी.
इसको लेकर वैश्विक एक्सपर्ट्स का मानना है कि समंदर में बह रहा भारतीयों का यह खून और ट्रंप का यह आक्रामक रुख अब खाड़ी देशों को एक ऐसे महायुद्ध में धकेलने जा रहा है, जिसे रोकना संयुक्त राष्ट्र के बस की बात भी नहीं रह गई है. आज शाम होने वाली नौसैनिक घेराबंदी के बाद ईरान का अगला कदम क्या होगा, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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