Spain vs France: फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) का पहला सेमीफाइनल स्पेन के नाम रहा. टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए मजबूत मानी जा रही फ्रांस की टीम को 2-0 से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली. पूरे मुकाबले में स्पेन ने संतुलित रणनीति, मजबूत डिफेंस और मौके का सही फायदा उठाने की बेहतरीन मिसाल पेश की. अब स्पेन की नजर अपने दूसरे विश्व कप खिताब पर होगी.
इस जीत के साथ स्पेन ने विश्व कप के इतिहास में दूसरी बार फाइनल में प्रवेश किया है. इससे पहले टीम 2010 में फाइनल तक पहुंची थी और उसी साल पहली बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था. अब एक बार फिर स्पेन के पास इतिहास दोहराने का शानदार मौका है.
शुरुआती मिनटों में फ्रांस ने बनाया दबाव
मुकाबले की शुरुआत फ्रांस ने काफी आक्रामक अंदाज़ में की. स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे लगातार स्पेन के डिफेंस को परखते रहे और शुरुआती मिनटों में कई बार हमले भी किए. हालांकि स्पेन के डिफेंडरों और गोलकीपर उनाई सिमोन ने शानदार तालमेल दिखाते हुए फ्रांस को कोई शुरुआती बढ़त लेने का मौका नहीं दिया. फ्रांस के लगातार दबाव के बीच स्पेन ने धैर्य बनाए रखा और सही मौके का इंतजार किया. यही रणनीति आगे चलकर उसके लिए निर्णायक साबित हुई.
यमाल पर फाउल और स्पेन को मिली बढ़त
मैच का पहला बड़ा मोड़ 22वें मिनट में आया. स्पेन के युवा स्टार लामिन यमाल को रोकने की कोशिश में फ्रांस के डिफेंडर लुकास डिग्ने ने फाउल कर दिया. रेफरी ने बिना देर किए पेनल्टी का इशारा किया. पेनल्टी लेने आए मिकेल ओयरजाबल ने पूरी शांति के साथ गेंद को गोल में पहुंचाया और स्पेन को 1-0 की अहम बढ़त दिला दी. इस गोल के बाद फ्रांस ने बराबरी के लिए कई हमले किए, लेकिन स्पेन का डिफेंस हर चुनौती के सामने मजबूती से खड़ा रहा.
दूसरे हाफ में स्पेन ने पूरी तरह बनाई पकड़
पहले हाफ में बढ़त हासिल करने के बाद स्पेन ने दूसरे हाफ में अपने खेल का स्तर और ऊंचा कर दिया. टीम ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार फ्रांस पर दबाव बनाती रही. 58वें मिनट में पेड्रो पोरो ने शानदार गोल दागकर स्पेन की बढ़त 2-0 कर दी. इस गोल ने मुकाबले का रुख लगभग तय कर दिया. दो गोल से पीछे होने के बाद फ्रांस की टीम पर दबाव साफ दिखाई देने लगा.
बदलाव भी नहीं बदल सके फ्रांस की किस्मत
स्कोर 2-0 होने के बाद फ्रांस के कोच ने मुकाबले में वापसी की उम्मीद से डेजिरे डुए और रयान चेर्की को मैदान पर उतारा. दोनों खिलाड़ियों ने टीम के आक्रमण को गति देने की कोशिश की, लेकिन स्पेन की सधी हुई रक्षापंक्ति के सामने उनकी कोशिशें सफल नहीं हो सकीं.
किलियन एम्बाप्पे ने भी कई बार गोल करने का प्रयास किया, लेकिन हर बार स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन उनके रास्ते में दीवार बनकर खड़े रहे. सिमोन ने कई अहम बचाव किए, जिनकी बदौलत फ्रांस पूरे मैच में एक भी गोल नहीं कर पाया.
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अब फाइनल में होगी खिताब की जंग
निर्धारित 90 मिनट पूरे होने तक फ्रांस गोल करने में नाकाम रही और स्पेन ने 2-0 की शानदार जीत दर्ज कर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया. अब खिताबी मुकाबले में स्पेन का सामना अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच खेले जाने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा.
स्पेन की मौजूदा फॉर्म, युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और टीम का संतुलित प्रदर्शन उसे खिताब का मजबूत दावेदार बना रहा है. वहीं फ्रांस अब टूर्नामेंट में तीसरे स्थान के लिए मुकाबला खेलेगा, जहां उसका सामना दूसरे सेमीफाइनल में हारने वाली टीम से होगा.
-भारत एक्सप्रेस
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