KGMU Non Veg Ban: लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) प्रशासन का एक नया आदेश चर्चा का विषय बन गया है. यूनिवर्सिटी ने हॉस्टल परिसरों में मांसाहारी भोजन पकाने पर रोक लगा दी है. इस फैसले के आते ही जहां एक तरफ इसके मेडिकल और सामाजिक प्रभाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ राजनेताओं और धर्मगुरुओं की प्रतिक्रियाओं ने मामले को गरमा दिया है.
KGMU लखनऊ ने अपने हॉस्टलों में नॉन-वेज खाना पकाने पर प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन बाहर से मंगाकर खाने की अनुमति दी है. इस फैसले पर मौलाना फिरंगी महली ने इसे सेहत के लिए जरूरी बताते हुए विरोध किया है, जबकि मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इसे सही ठहराया है. वहीं मौलाना याकूब अब्बास ने इसे प्रशासन का आंतरिक फैसला करार दिया है.
हॉस्टलों में नॉन-वेजिटेरियन खाना बनाने पर बैन (Maulana Khalid Rashid Firangi Mahali)
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) प्रशासन ने अपने सभी हॉस्टलों में नॉन-वेजिटेरियन (मांसाहारी) खाना बनाने पर बैन लगा दिया है. हालांकि, प्रशासन ने छात्रों को बाहर से नॉन-वेज खाना ऑर्डर करने की छूट दी है. इस फैसले के सामने आते ही विवाद खड़ा हो गया है और अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.
मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली का कड़ा विरोध (KGMU Non Veg Ban)
इस्लामिक स्कॉलर मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि 61% से ज्यादा भारतीय नॉन-वेजिटेरियन हैं और मेडिकल दृष्टिकोण से यह सेहत व इम्यूनिटी के लिए फायदेमंद है. उन्होंने KGMU जैसे प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान के इस फैसले को समाज में गलत संदेश देने वाला बताया और इसे वापस लेने की मांग की.
ओम प्रकाश राजभर ने इसका समर्थन किया (Om Prakash Rajbhar KGMU)
दूसरी तरफ, यूपी के राज्य मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि धार्मिक और पूजा के स्थानों पर ऐसी सुविधाओं की उम्मीद करना गलत है. वहीं, मौलाना याकूब अब्बास ने इसे यूनिवर्सिटी का अंदरूनी मामला बताते हुए कहा कि इस पर किसी को टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है, जिन्हें नॉन-वेज खाना है वे बाहर जाकर खा सकते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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