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सीने में दर्द नहीं, फिर भी हो सकता है हार्ट अटैक! जानिए शुरुआती संकेत

Silent Heart Attack Alert: साइलेंट हार्ट अटैक में हमेशा तेज सीने का दर्द नहीं होता, इसलिए इसके शुरुआती संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है. विशेषज्ञों के अनुसार, थकान, सांस फूलना, ठंडा पसीना और जबड़े या पीठ में दर्द जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

Silent Heart Attack Symptoms

Silent Heart Attack Symptoms

Silent Heart Attack Symptoms: हार्ट अटैक का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के मन में तेज सीने के दर्द की तस्वीर उभरती है. लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, हर हार्ट अटैक एक जैसा नहीं होता. कुछ मामलों में साइलेंट हार्ट अटैक (Silent Heart Attack) बिना तेज सीने के दर्द के भी हो सकता है. ऐसे मामलों में लक्षण हल्के या असामान्य हो सकते हैं, जिसके कारण लोग इन्हें सामान्य थकान, गैस या अपच समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. समय पर पहचान और इलाज न मिलने पर यह स्थिति गंभीर हो सकती है.

 क्या होता है साइलेंट हार्ट अटैक?

साइलेंट हार्ट अटैक में हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट आने से हृदय की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचता है, लेकिन इसके लक्षण सामान्य हार्ट अटैक जितने स्पष्ट नहीं होते. यही वजह है कि कई लोगों को इसका पता बाद में मेडिकल जांच, जैसे ईसीजी या अन्य परीक्षणों के दौरान चलता है.

 ये शुरुआती संकेत हो सकते हैं

विशेषज्ञों के अनुसार, साइलेंट हार्ट अटैक के दौरान कुछ लोगों में निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

बिना कारण अत्यधिक थकान महसूस होना
सांस लेने में तकलीफ या हल्की घुटन
जबड़े, गर्दन, पीठ, कंधे या बांह में दर्द या असहजता
ठंडा पसीना आना
मतली, अपच या गैस जैसा महसूस होना
चक्कर आना या अचानक कमजोरी महसूस होना

इन लक्षणों का मतलब हमेशा हार्ट अटैक नहीं होता, लेकिन यदि ये अचानक हों या लंबे समय तक बने रहें, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है.

 किन लोगों में अधिक रहता है खतरा?

डॉक्टरों के अनुसार, मधुमेह (डायबिटीज), उच्च रक्तचाप, हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, धूम्रपान, अत्यधिक तनाव वाले लोगों में हृदय रोग का जोखिम अधिक हो सकता है. बढ़ती उम्र के साथ भी खतरा बढ़ सकता है, हालांकि आजकल कम उम्र के लोगों में भी हृदय संबंधी समस्याएं देखी जा रही हैं.

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 बचाव के लिए क्या करें?

विशेषज्ञ संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव नियंत्रण और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह देते हैं. यदि पहले से कोई हृदय हैं, तो डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं और जीवनशैली संबंधी सलाह का पालन करना महत्वपूर्ण है.

 लक्षण दिखें तो देरी न करें

यदि आपको या आपके आसपास किसी व्यक्ति को ऊपर बताए गए लक्षण महसूस हों, खासकर यदि वे अचानक शुरू हुए हों या बढ़ रहे हों, तो स्वयं इलाज करने के बजाय तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें.

भारत एक्सप्रेस



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