उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार, 18 जुलाई 2026 को संभल में आयोजित एक भव्य जनसभा को संबोधित करते हुए कड़ा रुख अपनाया. सीएम योगी ने दोटूक शब्दों में कहा कि भारत में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को यहां की संस्कृति और परंपरा का सम्मान करना होगा. उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि अब तुर्क की तुर्कई नहीं चलेगी, नया भारत गुलामी की मानसिकता में जीने नहीं वाला.’
मुख्यमंत्री ने कहा- संभल में वही होगा जो हरिहर मंदिर का आदेश होगा.
गुलामी की मानसिकता पर मुख्यमंत्री का कड़ा प्रहार
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने तुष्टिकरण की राजनीति को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा, “जो लोग आज भी खुद को बाबर की संतान समझते हैं, वे अच्छी तरह जान लें कि यह नया भारत है. नया भारत अब किसी भी कीमत पर गुलामी की मानसिकता में जीने वाला नहीं है.” मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन दलों ने भले ही पूर्व में लैंड रिकॉर्ड (जमीन के दस्तावेज) नष्ट कर दिए हों, लेकिन वे कभी भी सत्य को नष्ट नहीं कर सकते.
सैफई सिंडिकेट पर हमला और विकास की सौगात
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने संभल और चंदौसी विधानसभा क्षेत्रों के लिए 569 करोड़ रुपये की लागत वाली 66 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज बिना किसी भेदभाव के सभी आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जबकि पहले विकास और बजट पर केवल ‘सैफई सिंडिकेट’ का कब्जा हुआ करता था.
सीएम योगी ने यह भी घोषणा की कि सरकार ने अब तक 10 हजार एकड़ जमीन पर से भू-माफियाओं का अवैध कब्जा हटवाया है. इस मुक्त कराई गई जमीन को अब समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों के बीच बांटा जाएगा ताकि वे अपना कल्याण कर सकें.
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