Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

राम मंदिर ट्रस्ट में बड़े बदलाव की तैयारी, चंपत राय के बाद कौन संभालेगा जिम्मेदारी?

Ram Mandir News: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक में नए महासचिव और ट्रस्टियों की नियुक्ति पर फैसला हो सकता है. चंपत राय के इस्तीफे के बाद कई नाम चर्चा में हैं.

Champat Rai

Ram Mandir News: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) में जल्द ही बड़े प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं. पूर्व महासचिव चंपत राय (Champat Rai) के इस्तीफे और ट्रस्ट के अन्य दो पद खाली होने के बाद अब नए चेहरों की तलाश तेज हो गई है. इसी सिलसिले में बुधवार को राम मंदिर परिसर में ट्रस्ट की एक अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की संभावना जताई जा रही है.

बैठक में सबसे ज्यादा नजरें इस बात पर रहेंगी कि ट्रस्ट का नया महासचिव किसे बनाया जाता है. सूत्रों के अनुसार, विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल बागड़ा का नाम इस पद के लिए सबसे मजबूत दावेदारों में माना जा रहा है. हालांकि अंतिम फैसला बैठक के बाद ही सामने आएगा.

तीन खाली पदों पर भी होगा फैसला

महासचिव के अलावा ट्रस्ट में तीन अन्य पद भी खाली हैं. इनमें पूर्व महासचिव चंपत राय का इस्तीफा, ट्रस्टी अनिल मिश्रा का पद छोड़ना और ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन के बाद बनी रिक्तियां शामिल हैं. फिलहाल कृष्ण मोहन अंतरिम महासचिव के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.

बताया जा रहा है कि बैठक में इन सभी पदों को भरने के साथ-साथ राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति प्रक्रिया को भी अंतिम रूप दिया जा सकता है. ट्रस्ट की नियमित बैठक मणिराम छावनी में भी आयोजित होगी, जहां विभिन्न प्रशासनिक और प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी.

इन नामों पर सबसे ज्यादा चर्चा

ट्रस्ट के सूत्रों के मुताबिक, महासचिव पद के लिए बीएल बागड़ा का नाम सबसे आगे चल रहा है. इससे पहले 6 जुलाई को हुई बैठक में भी उनका नाम सामने आया था. उस समय बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक नीरज दानोदिया का नाम भी चर्चा में था, लेकिन ट्रस्ट के भीतर मतभेद होने के कारण किसी नाम पर सहमति नहीं बन सकी थी.

इस बार भी बीएल बागड़ा को मजबूत दावेदार माना जा रहा है. वहीं ट्रस्टी के खाली पदों के लिए अयोध्या और रामानंदी वैष्णव परंपरा से जुड़े कई संतों और धर्माचार्यों के नाम चर्चा में हैं.

संभावित नामों में सिद्धपीठ हनुमन्निवास के महंत आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण, मणिरामदास जी की छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयनदास, श्रीरामवल्लभाकुंज के अधिकारी महंत राजकुमार दास, रंगमहल पीठाधीश्वर महंत रामशरणदास, रामकथा कुंज के पीठाधीश्वर डॉ. रामानंददास और कौशलेश पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर के नाम शामिल बताए जा रहे हैं.

इसके अलावा अयोध्या राजपरिवार के उत्तराधिकारी और प्रसिद्ध साहित्यकार यतींद्र मोहन मिश्र का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है. उनके पिता बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा ट्रस्ट और मंदिर निर्माण समिति के सदस्य रहे थे. हाल ही में उनके निधन के बाद यह पद रिक्त हुआ है.

दान विवाद भी रहेगा बैठक का अहम मुद्दा

इस बैठक में राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित गड़बड़ी के मामले पर भी चर्चा होने की संभावना है. जून में सामने आए इस विवाद के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था. अब तक इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

सूत्रों का कहना है कि ट्रस्ट बैठक में सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत की गई SIT रिपोर्ट पर भी विचार कर सकता है. साथ ही मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती की व्यवस्था, पारदर्शिता बढ़ाने के उपाय और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी एजेंडे का हिस्सा होगी.


ये भी पढ़ें: आधी रात सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह, नीट विवाद में शुरू हुई बातचीत?


सुप्रीम कोर्ट ने भी मांगी है जानकारी

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी राज्य सरकार से जवाब मांगा है. अदालत ने सरकार से पूछा है कि क्या स्थानीय पुलिस के बजाय पूरी जांच SIT को सौंपी जा सकती है, ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके. ऐसे में आगे की जांच के लिए नई SIT गठित किए जाने की संभावना पर भी चर्चा तेज हो गई है.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital