Bihar news: सुपौल/राजेश चौधरी: बिहार के सुपौल जिले से सामने आई यह घटना किसी फिल्मी कहानी जैसी लगती है, लेकिन समय पर मिली मदद ने एक नवविवाहिता की जान बचा ली. उफनती कोसी नदी में बह रही युवती को कनीय अभियंता और एक मजदूर ने अपनी जान जोखिम में डालकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया. अब युवती ने अपने मामा और बहनोई पर हत्या की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया है.
‘बचाओ-बचाओ’ की आवाज सुनकर दौड़े दोनों
घटना मंगलवार देर रात सुपौल सदर प्रखंड के बसबिट्टी पंचायत स्थित कोसी तटबंध के 64/95 स्पर की है. रात के ड्यूटी पर तैनात कनीय अभियंता चितरंजन कुमार और मजदूर सुभाष कुमार खाना खाने के बाद बाहर निकले थे. इसी दौरान उन्हें कोसी नदी की ओर से एक युवती की मदद की पुकार सुनाई दी.
दोनों बिना समय गंवाए टॉर्च लेकर नदी की ओर पहुंचे. हालात की गंभीरता को देखते हुए मजदूर सुभाष कुमार ने उफनती कोसी नदी में छलांग लगा दी. काफी मशक्कत के बाद उन्होंने युवती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. उनकी सूझबूझ और साहस से एक बड़ी अनहोनी टल गई.
जबरन शादी के बाद रची हत्या की साजिश
बचाई गई युवती ने अपनी पहचान आशा कुमारी के रूप में बताई, जो सुपौल सदर प्रखंड के लखनिपट्टी की रहने वाली है. आशा के मुताबिक वह एक युवक से प्रेम करती थी, लेकिन परिवार को यह रिश्ता मंजूर नहीं था. करीब एक महीने पहले उसकी जबरन शादी दूसरे युवक से करा दी गई.
युवती का आरोप है कि मंगलवार रात उसके मामा और बहनोई उसे प्रेमी से मिलवाने का झांसा देकर घर से निकले. पिपरा खुर्द के पास कोसी नदी पहुंचने पर दोनों ने उसे नदी में धक्का दे दिया. किसी तरह वह बहते-बहते तटबंध के स्पर तक पहुंची और मदद के लिए आवाज लगाने लगी.
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पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना कनीय अभियंता चितरंजन कुमार ने तत्काल डायल-112 को दी. मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने युवती को अपने संरक्षण में लिया. डायल-112 में तैनात एएसआई दीपक कुमार सिंह ने बताया कि युवती के आरोपों की जानकारी वरीय अधिकारियों को दे दी गई है. अधिकारियों के निर्देश पर पूरे मामले की जांच की जाएगी और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
-भारत एक्सप्रेस
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