केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध बौद्ध स्थल सारनाथ को यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की है. एक्स पर एक पोस्ट में अमित शाह ने लिखा, “आज हमारी सांस्कृतिक गौरव की ऊंचाई और बढ़ गई है क्योंकि उत्तर प्रदेश का सारनाथ यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल हो गया है.”
अमित शाह ने इसे भगवान बुद्ध से जुड़े भारत के प्राचीन विरासत का प्रमाण बताते हुए कहा कि यह कदम भगवान बुद्ध के ज्ञान और शांति के संदेश को दुनिया भर में और अधिक लोगों तक पहुंचाएगा तथा शांति, करुणा और ज्ञानोदय के आदर्शों को प्रेरित करेगा.
Our cultural pride soars even higher today as Sarnath in Uttar Pradesh has been included in the UNESCO World Heritage List.
An endorsement of India’s ancient heritage associated with Lord Buddha, it will take his luminous wisdom to more people and inspire them to imbibe the… https://t.co/AgRmgV4KSd
— Amit Shah (@AmitShah) July 25, 2026
यूनेस्को ने शनिवार को 48वें विश्व धरोहर समिति सत्र में सारनाथ को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने की घोषणा की. यह स्थल बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र है, जहां भगवान बुद्ध ने अपने प्रथम उपदेश (धर्मचक्र प्रवर्तन) दिए थे. सारनाथ में अशोक स्तंभ, मुलगंधकुटी विहार और पुरातात्विक खुदाई स्थल प्रमुख आकर्षण हैं.
इस उपलब्धि पर अमित शाह ने कहा कि यह भारत की प्राचीन सभ्यता और बौद्ध विरासत को वैश्विक मान्यता दिलाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करने और उन्हें वैश्विक पटल पर स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है.
सारनाथ को शामिल किए जाने से उत्तर प्रदेश की पर्यटन क्षमता बढ़ेगी. लाखों बौद्ध श्रद्धालु और पर्यटक यहां आकर्षित होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा. भारत में अब यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की संख्या बढ़कर 43 हो गई है. सरकार इन स्थलों के संरक्षण, विकास और प्रचार के लिए विशेष योजनाएं चला रही है.
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