NEET (नीट) पेपर लीक मामले में मचे भारी बवाल के बीच 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने वाले धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) सोमवार को पहली बार संसद पहुंचे. उनके पहुंचते ही संसद का माहौल पूरी तरह से हाई-वोल्टेज हो गया. एक तरफ जहां सत्ता पक्ष (NDA) ने उनका बाहें खोलकर शाही स्वागत किया, वहीं दूसरी तरफ मकर द्वार पर एकजुट विपक्ष ने छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए जमकर नारेबाजी की. हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी.
NDA का ग्रैंड वेलकम
धर्मेंद्र प्रधान जैसे ही संसद भवन पहुंचे, वहां पहले से मौजूद NDA सांसदों ने ‘जिंदाबाद’ के नारों के साथ उनका जोरदार इस्तकबाल किया. सांसदों ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर और सम्मान का प्रतीक ‘मिथिला पाग’ पहनाकर सदन के भीतर प्रवेश कराया.
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— Bharat Express (@BhaaratExpress) July 27, 2026
सियासी जानकारों का मानना है कि यह BJP का एक बड़ा ‘डैमेज कंट्रोल’ और साफ संदेश है. पार्टी यह साबित करना चाहती है कि प्रधान का इस्तीफा किसी दबाव या असंतोष का नतीजा नहीं था, बल्कि यह छात्रों और देशहित को ध्यान में रखकर स्वेच्छा से लिया गया फैसला था, और पूरी सरकार आज भी उनके साथ मजबूती से खड़ी है.
मकर द्वार पर राहुल-प्रियंका का हल्लाबोल
उधर, विपक्ष इस मौके को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है. इंडिया (I.N.D.I.A) गठबंधन की बैठक के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी मकर द्वार पर हो रहे प्रदर्शन में शामिल हुए. विपक्षी सांसदों ने ‘लोकतंत्र चोरी, वोट चोरी, शिक्षा चोरी, पेपर चोरी’ जैसे तीखे नारे लगाए और छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज का मुद्दा जोर-शोर से उठाया.
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आज पेश होगा पेपर लीक पर सबसे सख्त बिल
इस भारी हंगामे और सियासी ड्रामे के बीच, केंद्र सरकार आज लोकसभा में पेपर लीक और नकल माफियाओं पर लगाम कसने के लिए ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पेश करने जा रही है. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह इस बिल को पटल पर रखेंगे और बहस में NDA के 9 सांसद हिस्सा लेंगे. अब देखना यह है कि प्रधान के इस्तीफे के बाद लाए जा रहे इस सख्त कानून पर विपक्ष का क्या रुख रहता है.
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